Dhamtari Crime : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत सिंचाई विभाग से जुड़े एक कर्मचारी लखेश्वर साहू को रंगे हाथों हिरासत में लिया गया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने किसी आधिकारिक कार्य को पूरा करने के एवज में एक लाख रुपये की मोटी रकम बतौर रिश्वत ली थी। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए एसीबी की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से इस जाल को बिछाया और आरोपी को धर दबोचा। फिलहाल आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लेकर उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

PWD रेस्ट हाउस मामले में भी जांच का दायरा बढ़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखेश्वर साहू की गिरफ्तारी के बाद अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम का ध्यान धमतरी के ही PWD रेस्ट हाउस से जुड़े एक अन्य संदिग्ध मामले की ओर भी केंद्रित हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि सिंचाई विभाग के इस कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद सामने आए सुरागों ने जांच एजेंसी को नए सिरे से छानबीन करने का मौका दिया है। एसीबी के अधिकारी अब रेस्ट हाउस से जुड़े वित्तीय लेन-देन और फाइलों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस बात की प्रबल संभावना है कि रिश्वतखोरी के इस मामले की जड़ें काफी गहरी हो सकती हैं, जिसके कारण एसीबी की टीम ने पूरे मामले की जांच के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

एसीबी की सघन पूछताछ: जल्द हो सकता है बड़े खुलासे का एलान
फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक तौर पर बहुत अधिक विवरण साझा नहीं किया है। विभाग का कहना है कि अभी जांच अपनी प्रारंभिक और संवेदनशील अवस्था में है, इसलिए मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को सार्वजनिक करना जांच को प्रभावित कर सकता है। एसीबी के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी लखेश्वर साहू से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस पूछताछ का मुख्य उद्देश्य उन अन्य लोगों या उच्चाधिकारियों का पता लगाना है जो इस भ्रष्टाचार की श्रृंखला में शामिल हो सकते हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम और लोगों की उम्मीदें
धमतरी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी महकमों में सख्त निगरानी बरती जा रही है। आम नागरिकों के बीच इस कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा है और लोग यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नजीर पेश करने वाली सजा दी जाएगी। एसीबी के अधिकारी जल्द ही एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे प्रकरण का खुलासा कर सकते हैं। तब तक पूरे मामले को लेकर सस्पेंस बरकरार है। प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस कार्रवाई के बाद से कई अन्य विभागों के भ्रष्ट कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है, क्योंकि उन्हें अब अपनी अवैध गतिविधियों के उजागर होने का डर सता रहा है।
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