Health News : आजकल के दौर में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती सजगता के कारण लोग अपने खान-पान को लेकर अत्यधिक सतर्क हो गए हैं। वजन घटाने और हृदय रोगों से बचने के लिए लोग अब ‘डीप फ्राइड’ भोजन के बजाय एयर फ्रायर में बने खाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। तेल का न्यूनतम उपयोग होने के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों में एयर फ्रायर का क्रेज तेजी से बढ़ा है। हालांकि, सोशल मीडिया और चर्चाओं में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या एयर फ्रायर में खाना पकाना कैंसर का खतरा पैदा कर सकता है? इस विषय पर कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने हाल ही में अपने वीडियो के जरिए वैज्ञानिक स्पष्टीकरण दिया है।

आखिर एयर फ्रायर तकनीक कैसे काम करती है?
तकनीकी रूप से, एयर फ्रायर एक मिनी कन्वेक्शन ओवन की तरह है। यह मशीन उच्च तापमान वाली गर्म हवा को भोजन के चारों ओर तेजी से घुमाती है (सर्कुलेट करती है), जिससे भोजन बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बन जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का हानिकारक रेडिएशन या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेज का उत्सर्जन नहीं होता है। यदि इसकी तुलना पारंपरिक डीप फ्राइंग से की जाए, तो इसमें करीब 80 प्रतिशत से भी कम तेल का उपयोग होता है, जो इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बेहतर विकल्प बनाता है।

क्या एयर फ्रायर में बना खाना वास्तव में सुरक्षित है?
डॉ. तरंग कृष्णा के अनुसार, एयर फ्रायर में खाना पकाना पूरी तरह से सुरक्षित है। इसका प्रमुख लाभ यह है कि इसमें न तो रेडिएशन का खतरा है और न ही अत्यधिक तेल का उपयोग होता है। कैलोरी का कम सेवन सीधा असर वजन पर डालता है, जिससे मोटापा नियंत्रित रहता है। जैसा कि हम जानते हैं, मोटापा कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों की जड़ है। इसलिए, एयर फ्रायर का उपयोग अप्रत्यक्ष रूप से आपको उन बीमारियों से बचाने में मदद करता है जो अत्यधिक तेल और वसा के सेवन से उत्पन्न होती हैं।
कैंसर की अफवाह और ‘एक्रिलामाइड’ का असली विज्ञान
अब प्रश्न यह है कि एयर फ्रायर से कैंसर होने की अफवाह कहां से आई? इसके पीछे का मुख्य कारण ‘एक्रिलामाइड’ नामक रसायन है। जब स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों (जैसे आलू, ब्रेड, चिप्स) को बहुत अधिक तापमान पर पकाया जाता है, तो एक रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण एक्रिलामाइड बनता है। जानवरों पर हुई कुछ स्टडीज में इसे कैंसर का कारक माना गया है। हालांकि, इंसानों के संदर्भ में भोजन के जरिए एक्रिलामाइड के सेवन और कैंसर के बीच अब तक कोई सीधा प्रमाण नहीं मिला है। वर्ष 2024 में एक लाख से अधिक लोगों पर की गई विस्तृत स्टडी में भी एयर फ्रायर से कैंसर का कोई भी जोखिम सामने नहीं आया है।
ओवर-कुकिंग से बचें: स्वस्थ एयर फ्राइंग के लिए सावधानियां
एयर फ्रायर सुरक्षित है, लेकिन इसका उपयोग करते समय एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना आवश्यक है—’ओवर-कुकिंग’। जब हम भोजन को जरूरत से ज्यादा पकाते हैं या उसे बहुत गहरा भूरा (डार्क ब्राउन) कर देते हैं, तब एक्रिलामाइड का स्तर बढ़ने लगता है। अतः, स्वस्थ रहने के लिए भोजन को कभी भी ओवर-कुक न करें और न ही उसे जलने या अत्यधिक गहरा होने दें। यदि आप मध्यम तापमान पर खाना पकाते हैं, तो एयर फ्रायर आपकी सेहत के लिए बिल्कुल सुरक्षित और फायदेमंद है।
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