Political Allegation : शिवसेना (यूबीटी) के लिए मौजूदा समय एक कठिन दौर है, खासकर पार्टी के लोकसभा सांसदों की लगातार हो रही टूट से संगठन को गहरा धक्का लगा है। इस कठिन परिस्थिति के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी डरी हुई है और वह 2029 तक कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाली क्षेत्रीय ताकतों को पूरी तरह खत्म करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी का असली मकसद लोकसभा में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर संविधान में आमूलचूल परिवर्तन करना है। राउत के अनुसार, बीजेपी का यह कदम लोकतंत्र को समाप्त करने और देश में ‘प्रेसीडेंशियल सिस्टम’ यानी राष्ट्रपति शासन प्रणाली लागू करने की सोची-समझी साजिश है।

किशोर पाटील पर भड़के संजय राउत, तीखी शब्दों का किया प्रयोग
जब एक पत्रकार ने किशोर पाटील द्वारा दिए गए बयानों के संदर्भ में संजय राउत से प्रतिक्रिया मांगी, तो राउत का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गौरतलब है कि किशोर पाटील ने दावा किया था कि शिवसेना में कोई ‘ऑपरेशन तुड़वा’ सफल नहीं होगा। इस पर पलटवार करते हुए राउत ने किशोर पाटील के मूल और निष्ठा पर सवाल खड़े किए। राउत ने तल्ख लहजे में कहा, “उनसे पूछिए कि उनके असली पिता कौन हैं? शिवसेना के एकमात्र पिता बालासाहेब ठाकरे ही हैं।” किशोर पाटील के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए राउत ने उन पर और अन्य बागी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “ये सब बिके हुए लोग हैं, जो केवल धन के पीछे भाग रहे हैं। इनमें न तो कोई निष्ठा बची है और न ही नैतिकता। ये लोग नशा करते हैं और इस तरह की बेबुनियाद बातें करते हैं।”

शिवसेना का 60 वर्षों का संघर्षपूर्ण और गौरवशाली इतिहास
संजय राउत ने शिवसेना के 60 वर्षों के लंबे और चुनौतीपूर्ण सफर को याद करते हुए कहा कि पार्टी हमेशा से संघर्ष की कोख से जन्मी है। उन्होंने कहा कि हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे से लेकर उद्धव ठाकरे तक, हर दौर में शिवसेना को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने जो भी मुकाम हासिल किया है, वह अथक संघर्ष और मेहनत का परिणाम है। राउत ने बागी गुटों और विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा, “हमारी पीठ पर पहले भी कई बार वार किए गए हैं, लेकिन अब किसी में भी सामने से हमला करने की हिम्मत नहीं होगी। हम हर वार का सामना करने के लिए तैयार हैं।”
सत्ता वापसी का संकल्प और भविष्य की राजनीतिक रणनीति
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए संजय राउत ने भविष्य के प्रति अपनी दृढ़ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में गद्दारों और दल-बदलुओं की खबरें ही सुर्खियां बन रही हैं, लेकिन यह दौर जल्द ही समाप्त होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महाराष्ट्र और केंद्र दोनों जगह शिवसेना (यूबीटी) की सत्ता वापस आएगी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनेगी, तब हम उन लोगों को दिखाएंगे कि असली शिवसेना क्या है और सत्ता का सही उपयोग कैसे किया जाता है। राउत का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखने और विरोधियों को कड़ी चेतावनी देने के रूप में देखा जा रहा है।











