Yoga Day India : आज 21 जून 2026 को पूरे विश्व में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं योग सत्र में भाग लेकर इस दिन की शुरुआत की। वहीं, मुख्य राष्ट्रीय आयोजन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक ‘रेड रोड’ पर संपन्न हुआ, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों योग प्रेमियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर देशभर में योग की एक अद्भुत लहर देखने को मिल रही है, जो हिमालय की चोटियों से लेकर हिंद महासागर के तटों तक और पूर्वोत्तर के राज्यों से लेकर पश्चिमी सौराष्ट्र तक फैली हुई है।

“स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” – इस वर्ष का प्रेरणादायी संदेश
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की आधिकारिक थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” है। यह थीम न केवल शारीरिक फिटनेस पर जोर देती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि योग उम्र के हर पड़ाव पर मानसिक शांति और शरीर की सक्रियता बनाए रखने का सबसे सशक्त माध्यम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिवस की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में 2,500 से अधिक स्थानों पर और विभिन्न देशों में स्थित 210 भारतीय मिशनों व पोस्टों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। यह वैश्विक भागीदारी योग की बढ़ती स्वीकार्यता और इसकी सार्वभौमिक प्रासंगिकता को सिद्ध करती है।

प्रधानमंत्री मोदी: योग संपूर्ण विश्व को जोड़ने वाला सूत्र है
कोलकाता में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग की शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 21 जून का दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण यह विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन बन गया है। पीएम ने कहा, “योग सबको जोड़ता है और साथ लाता है।” उन्होंने बताया कि आज विश्व के विभिन्न हिस्सों से योग की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे संपूर्ण मानवता को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि ऊर्जा और चैतन्यता का स्रोत है जो पूरी दुनिया को एक परिवार की तरह करीब ला रहा है।
योग की वैश्विक यात्रा: 2015 से आज तक
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत का इतिहास भी बेहद प्रेरणादायक है। वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव को ऐतिहासिक समर्थन देते हुए 21 जून को आधिकारिक रूप से ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया था। तब से लेकर आज तक, यह दिवस निरंतर अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है। आज भारत की यह प्राचीन विरासत न केवल एक राष्ट्रीय गर्व का विषय बन गई है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य और शांति के लिए एक अनिवार्य स्तंभ भी बन चुकी है। अंबिकापुर से लेकर कोलकाता तक, आज का यह दिन स्वास्थ्य, सद्भाव और वैश्विक एकता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से प्रदर्शित कर रहा है।
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