NEET Exam : सरगुजा जिले में नीट (NEET) की परीक्षा आज कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस वर्ष अंबिकापुर में परीक्षार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परीक्षा केंद्रों की संख्या 12 से बढ़ाकर 13 कर दी गई थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 5,212 परीक्षार्थियों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 4,528 छात्र परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 684 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल 86.88 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 273 अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिसे देखते हुए अतिरिक्त केंद्र की व्यवस्था की गई थी।

अभेद्य सुरक्षा और सघन जांच प्रक्रिया
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए एनटीए और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। छात्रों को सुबह 11 बजे से ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश मिलना शुरू हो गया था, जिसके दौरान उन्हें कई चरणों की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा। सबसे पहले बायोमैट्रिक सत्यापन और पहचान पत्र की गहन जांच की गई। सुरक्षा इतनी सख्त थी कि परीक्षार्थियों को अपने साथ कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं थी। छात्रों को स्लीपर (चप्पल) पहनकर ही प्रवेश दिया गया, और जिन परीक्षार्थियों ने सैंडल पहने थे, उन्हें भी बाहर उतरवा दिया गया। इसके अलावा, छात्राओं के कान के पिन और नोज पिन तक उतरवा दिए गए। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जैमर का उपयोग किया गया और अधिकारियों की सतत निगरानी बनी रही।

यातायात व्यवस्था और जाम का संकट
परीक्षा के दौरान अंबिकापुर शहर में यातायात की स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। विशेषकर स्कूल रोड स्थित मल्टीपरपज स्कूल और गर्ल्स स्कूल परीक्षा केंद्रों के आसपास घंटों तक जाम लगा रहा। स्थिति यह थी कि छात्रों को अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए दौड़ लगानी पड़ी और कई अभिभावकों ने जाम के डर से छात्रों को परीक्षा केंद्र से काफी पहले ही वाहनों से उतार दिया था। बताया जा रहा है कि आज ही अंबिकापुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम भी आयोजित था, जिसके कारण पुलिस बल और यातायात कर्मी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थे। परिणामस्वरुप, शहर की प्रमुख सड़कों, जैसे सदर रोड और देवीगंज रोड पर भी यातायात का दबाव बना रहा, जिससे परीक्षार्थियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिना किसी विवाद के संपन्न हुई परीक्षा
आवागमन और जाम की समस्याओं के बावजूद, परीक्षा केंद्रों के भीतर पूरी प्रक्रिया अत्यंत व्यवस्थित रही। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित समय पर संचालित हुई। जिला प्रशासन और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 13 केंद्रों पर अपनी उपस्थिति बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अंततः, परीक्षा बिना किसी विवाद या अप्रिय घटना के संपन्न हो गई। प्रशासन ने इस बार छात्रों की बढ़ती संख्या और पिछली परीक्षाओं के अनुभवों को देखते हुए सुरक्षा मानकों में कोई ढील नहीं दी थी। शाम को परीक्षा छूटने के बाद भी शहर की सड़कों पर काफी समय तक भीड़भाड़ की स्थिति बनी रही।
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