JPSC Supreme Court PIL: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PIL, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

JPSC Supreme Court PIL:  झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका (PIL) दायर कर 19 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग की है। याचिका में पूरे मामले की जांच CBI या किसी स्वतंत्र समिति से कराने की मांग भी की गई है।

ads

वरिष्ठ वकीलों की टीम कर रही याचिकाकर्ता की पैरवी

याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर के साथ अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत, आदर्श सिंह और मुस्कान सिंह पैरवी कर रहे हैं। नीमा अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड के तौर पर मामले में पेश हो रही हैं। याचिका में परीक्षा की प्रक्रिया, मूल्यांकन और परिणाम से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई गई है।

Adst

रिजल्ट जारी होने के बाद शुरू हुआ विवाद

याचिका के अनुसार, JPSC ने 2 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। परिणाम सामने आने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे। इसी दौरान एक सफल अभ्यर्थी की OMR उत्तर पुस्तिका की कथित कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया गया। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अभ्यर्थी ने पहले पेपर में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, इसके बावजूद उसे सफल घोषित किया गया।

CID जांच का JPSC ने दिया था आधिकारिक हवाला

याचिका में दावा किया गया है कि JPSC ने खुद एक आधिकारिक नोटिस जारी कर मामले में CID जांच चलने की जानकारी दी थी। इस संबंध में CID केस नंबर 16/2026 दर्ज होने का भी उल्लेख याचिका में किया गया है। आयोग ने सफल अभ्यर्थियों से 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच पेपर-1 और पेपर-2 की OMR कार्बन कॉपी जमा करने को कहा था। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन घटनाओं से परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन की मांग

जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट से 19 अप्रैल को हुई JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के साथ नई परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। इसके अलावा CBI को स्वतंत्र, निष्पक्ष, व्यापक और समयबद्ध जांच सौंपने की मांग भी की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों की पूरी तरह पड़ताल हो सके।

Adst

स्वतंत्र समिति बनाने का भी प्रस्ताव

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या झारखंड के बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश अथवा न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की गई है। प्रस्तावित समिति में फोरेंसिक साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी, परीक्षा सुरक्षा, OMR मूल्यांकन, साइबर सुरक्षा और लोक प्रशासन के विशेषज्ञों को शामिल करने की बात कही गई है।

OMR और परीक्षा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

याचिका में परीक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है। इनमें मूल OMR शीट, अभ्यर्थियों की कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, उपस्थिति पत्रक, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और CCTV फुटेज शामिल हैं। इसके अलावा डिस्पैच रजिस्टर, परीक्षा केंद्रों की रिपोर्ट, स्कैनिंग रिकॉर्ड, मूल्यांकन संबंधी डेटा और रिजल्ट तैयार करने से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक रिकॉर्ड को भी संरक्षित रखने की मांग की गई है।

परीक्षा प्रणाली के स्वतंत्र ऑडिट की मांग

याचिकाकर्ता ने OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने वाली पूरी प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी की है। याचिका में कहा गया है कि उपलब्ध वस्तुनिष्ठ और सत्यापन योग्य साक्ष्यों के आधार पर यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि कथित रूप से प्रभावित और निष्पक्ष अभ्यर्थियों की अलग-अलग पहचान संभव है या नहीं।

रांची में जारी है छात्रों का आंदोलन

याचिका में JPSC परीक्षा को लेकर रांची में चल रहे छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, छात्रों ने 25 जुलाई से बापू वाटिका में विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, जिसे बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी रखा गया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 3 अगस्त से अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारी स्वतंत्र जांच के साथ भर्ती परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर टिकी नजर

JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर सड़क से लेकर अदालत तक विरोध और कानूनी चुनौती सामने आ चुकी है। एक ओर छात्र कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल PIL के जरिए भी इन मांगों को न्यायिक मंच मिला है। मामले में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान परीक्षा रद्द करने, CBI जांच और स्वतंत्र समिति के गठन को लेकर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।

Read More  : CG Teacher Transfer: 700 शिक्षकों की बदली पोस्टिंग, 400 नाम रुके; जानिए ट्रांसफर का पूरा अपडेट

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.