NEET Ee Exam : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में नीट (NEET) री-एग्जाम के सफल आयोजन पर विशेष चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा को बिना किसी बाधा के संपन्न कराना सरकार के ‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ (संपूर्ण सरकार) दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जिस तरह से विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी संस्थाओं ने एकजुट होकर इस चुनौती का सामना किया, उसी तरह की कार्यप्रणाली को भविष्य में हर महत्वपूर्ण अवसर पर अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से बड़ी से बड़ी बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है।

रिकॉर्ड समय में 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा
21 जून को आयोजित हुई नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा एक बड़े पैमाने पर संपन्न हुई। इस परीक्षा में देश के अलावा विदेश के केंद्रों सहित कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी समेत कुल 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस परीक्षा का सफल संचालन महज 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरी की गई तैयारी का परिणाम था। एनटीए ने इस आयोजन को केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि देश के सामूहिक प्रयास का प्रतीक बताया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी रही।

अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक का उपयोग
परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू की गई थी। साथ ही सीसीटीवी निगरानी, सिग्नल जैमर और दो-स्तरीय तलाशी (टू-लेयर फ्रिस्किंग) जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर विशेष कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए, जहां से परीक्षा की पल-पल की गतिविधियों की निगरानी की गई। तकनीक के इस व्यापक इस्तेमाल ने परीक्षा को पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंत्रालयों और संस्थाओं का अभूतपूर्व समन्वय
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने के लिए गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, विदेश, रक्षा और डाक विभाग जैसे विभिन्न मंत्रालयों ने आपसी तालमेल बिठाया। इसके अलावा भारतीय वायुसेना, एनआईसी (NIC) और MeitY जैसी संस्थाओं ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। बैंकिंग क्षेत्र से एसबीआई, केनरा बैंक, पीएनबी और यूको बैंक जैसे साझेदार इस प्रक्रिया में शामिल रहे। लगभग 7 लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों और परीक्षा कर्मियों की तैनाती ने इस पूरे अभियान को धरातल पर उतारा। यह समन्वय भारत के प्रशासनिक तंत्र की व्यापक क्षमता को प्रदर्शित करता है।
राज्यों का सहयोग और परीक्षार्थियों के लिए सुविधाएं
नीट परीक्षा के सफल संचालन में राज्य सरकारों का योगदान भी सराहनीय रहा। कई राज्यों ने परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, छाया और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध किया। कुछ राज्यों ने छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष निःशुल्क परिवहन सुविधाएं प्रदान कीं, वहीं अनेक स्थानों पर एम्बुलेंस और चिकित्सा दल भी तैनात रखे गए। कुल मिलाकर, केंद्र और राज्य सरकारों के इस सामूहिक प्रयास ने साबित कर दिया कि छात्रों के भविष्य के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
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