CRPF Jawan Suicide : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहां सीआरपीएफ के एक जवान ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कुंदीकला गांव निवासी राजाराम प्रजापति, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात था और हाल ही में छुट्टी लेकर अपने घर आया था, ने बुधवार को अपने घर के पास स्थित एक आम के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, परंतु वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जवान की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विवाद के बाद उठा खौफनाक कदम
मृतक जवान के भाई शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि बुधवार को राजाराम का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि राजाराम आवेश में आकर रस्सी लेकर घर से दौड़ पड़ा और पास ही के आम के पेड़ पर चढ़ गया। उसे दौड़ता देख उसकी मां भी उसके पीछे दौड़ी और शोर मचाया, लेकिन जब तक ग्रामीण वहां पहुंचते और उसे फंदे से उतारते, तब तक काफी देर हो चुकी थी। हालांकि, फंदे से उतारते समय उसमें थोड़ी हलचल थी, जिसके कारण परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप
यह पहली बार नहीं है जब राजाराम ने ऐसी कोई घटना को अंजाम दिया है। करीब छह महीने पहले, दिसंबर 2025 में भी उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और जबरन पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए जहर का सेवन कर लिया था। उस समय उसने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया था, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाई थी और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उस घटना के बाद लगभग डेढ़ महीने तक उसका इलाज चला था। राजाराम के परिजनों का आरोप है कि उस समय पुलिस से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसका परिणाम आज इस दुखांत घटना के रूप में सामने आया है।
ड्यूटी पर लौटने के बाद भी जारी रही कलह
राजाराम का 2021 में सीआरपीएफ में चयन हुआ था। पहली बार आत्महत्या के प्रयास के बाद स्वस्थ होकर वह वापस अपनी ड्यूटी पर लौट गया था, लेकिन उसके मन का घाव शायद भरा नहीं था। घर लौटने पर फिर से पत्नी और ससुराल पक्ष के साथ विवाद शुरू हो गया, जो अंततः उसके लिए असहनीय बन गया। पारिवारिक कलह ने एक युवा सैनिक को मानसिक रूप से इस कदर तोड़ दिया कि उसने अपनी जीवन यात्रा समाप्त करने का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय ले लिया।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। राजाराम की मौत के बाद अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या समय रहते पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई इस जवान की जान बचा सकती थी? फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच में जुटी है।
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