AIU Sports Committee : छत्तीसगढ़ के शिक्षा और खेल जगत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण समाचार सामने आया है। रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के वरिष्ठ प्रोफेसर और अनुभवी खेल प्रशासक डॉ. राजीव चौधरी को अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया है। डॉ. चौधरी को सत्र 2026-27 के लिए अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन और उनके आवंटन हेतु गठित राष्ट्रीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी एक सम्मान का विषय है।

खेल स्पर्धाओं के आवंटन की होगी अहम जिम्मेदारी
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ की यह राष्ट्रीय समिति देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का बारीकी से परीक्षण करेगी। समिति का मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतर-विश्वविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं के लिए सबसे योग्य मेजबान विश्वविद्यालय का चयन किया जाए। इसके लिए समिति कई कड़े मापदंडों को आधार बनाएगी। चयन प्रक्रिया में संबंधित विश्वविद्यालय की खेल अधोसंरचना (Sports Infrastructure), खिलाड़ियों के लिए आवास व्यवस्था, परिवहन की सुलभता, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं, मानव संसाधन की उपलब्धता और अतीत में उनके द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रमों का अनुभव जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

पीआरएसयू में डॉ. चौधरी के बहुआयामी प्रशासनिक दायित्व
डॉ. राजीव चौधरी वर्तमान में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में कई गरिमापूर्ण पदों को संभाल रहे हैं। वे अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) के रूप में कार्य करने के साथ-साथ ‘स्कूल ऑफ स्टडीज इन लॉ’ और ‘स्कूल ऑफ स्टडीज इन फिजिकल एजुकेशन’ के विभागाध्यक्ष के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव की बात करें तो इससे पूर्व वे शारीरिक शिक्षा संकाय के डीन के रूप में भी अपना बहुमूल्य योगदान दे चुके हैं। उनके इन्हीं अनुभवों के कारण उन्हें खेल प्रशासन का विशेषज्ञ माना जाता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया गौरवशाली उपलब्धि
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. चौधरी की इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त किया है। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल संस्था के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के खेल प्रशासन के लिए एक मील का पत्थर है। प्रशासन के अनुसार, यह नियुक्ति डॉ. चौधरी के वर्षों के समर्पण और खेल विकास में उनके निरंतर योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी स्वीकृति है। इससे निश्चित रूप से भविष्य में छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में खेलों के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी।
खेल और शिक्षा में डॉ. चौधरी का समृद्ध सफर
मूल रूप से हरियाणा के निवासी डॉ. राजीव चौधरी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत प्रभावशाली रही है। उन्होंने ग्वालियर स्थित देश के प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने वहां से स्नातक (Bachelor) और स्नातकोत्तर (Masters) के साथ-साथ एमफिल और पीएचडी की डिग्रियां हासिल कीं। एक खिलाड़ी के रूप में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। अपने छात्र जीवन के दौरान उन्होंने एक ही वर्ष में आठ अलग-अलग ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी खेलों में प्रतिभागिता की थी। जूडो, कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स जैसे खेलों में उनकी सक्रिय भागीदारी उनके खेल के प्रति गहरे जुनून को दर्शाती है।











