Philippines Earthquake : अभी दुनिया वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के जख्मों को भरने की कोशिश कर ही रही थी कि फिलीपींस से भी एक अत्यंत चिंताजनक खबर सामने आई है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, शुक्रवार को दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में 6.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप महसूस किया गया। यह भूकंप जमीन के नीचे करीब 41.4 किलोमीटर की गहराई में आया। इस आपदा के कारण लगभग 64 लाख लोगों ने धरती के डोलने का अनुभव किया, जिनमें से अनुमानित 1 लाख 68 हजार से अधिक लोग उन इलाकों में थे जहां भूकंप का प्रभाव सबसे तीव्र रहा।

फिलीपीन इंस्टीट्यूट की चेतावनी और प्रभावित क्षेत्र
फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोलकेनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (PHIVOLCS) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम बलुत द्वीप, सारंगानी और दावाओ ऑक्सिडेंटल के तटीय क्षेत्रों में 6.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। स्थानीय समयानुसार शाम 7:34 बजे आए इस भूकंप ने किम्बा, डॉन मार्सेलिनो, सांता मारिया, दिगोस सिटी, मोनकायो, मावाब और मारागुसन जैसे कई प्रमुख शहरों को दहला दिया। राहत की बात यह है कि फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन भूकंप की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तबाही और नुकसान की आशंका जताई है।

दहशत का मंजर: ढहती इमारतें और सड़कों पर लोग
भूकंप के झटके इतने शक्तिशाली थे कि देखते ही देखते कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गईं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में विनाश का भयावह मंजर साफ दिखाई दे रहा है। भूकंप के झटकों को महसूस करते ही डर के मारे लोग घरों से निकलकर खुले मैदानों और सड़कों पर आ गए। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से हताहतों की सटीक संख्या और जान-माल के नुकसान का कोई आधिकारिक ब्यौरा जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
फिलीपींस में भूकंप का बढ़ता खतरा और इतिहास
फिलीपींस भौगोलिक रूप से ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इससे पहले जून महीने की शुरुआत में ही दक्षिणी फिलीपींस ने 7.8 तीव्रता के एक और विनाशकारी भूकंप का सामना किया था। उस त्रासदी में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस समय तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी भी जारी करनी पड़ी थी, जिसने लोगों की सामान्य जीवनशैली और मूलभूत सुविधाओं को बुरी तरह प्रभावित किया था। एक ही महीने के भीतर दो बड़े भूकंपों ने फिलीपींस के निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
राहत और बचाव कार्य की बड़ी चुनौती
फिलहाल, फिलीपीन प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। बिजली आपूर्ति और संचार सेवाओं के ठप होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क साधना एक बड़ी चुनौती बन गया है। भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स ने बचाव कार्य में लगे दलों के लिए और अधिक जोखिम पैदा कर दिया है। सरकार ने प्रभावित नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। पूरी दुनिया एक बार फिर कुदरत के इस कहर के सामने सहमी हुई है, जबकि रेस्क्यू टीमें मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
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