Chhindwara Bank Robbery : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित परासिया रोड पर बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में शनिवार को एक बड़ी लूट की कोशिश को पुलिस की तत्परता ने नाकाम कर दिया। बैंक बंद होने के दौरान पूरी तैयारी के साथ घुसा एक शातिर अपराधी शटर काटकर अंदर दाखिल हुआ। आरोपी ने बैंक के चेस्ट और लॉकर तोड़ने का भरपूर प्रयास किया और साक्ष्य मिटाने के लिए फाइलों वाले हिस्से में आग भी लगा दी। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर मिली सूचना ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपी ने दहशत फैलाने के लिए सुतली बम से धमाका कर दिया।

धमाका और जानलेवा हमला: एसआई नारायण बघेल ने दिखाई दिलेरी
पुलिस के अंदर प्रवेश करते ही आरोपी ने पेट्रोल से भरे सुतली बम में आग लगाकर धमाका किया ताकि वह पुलिस को डराकर भाग सके। इस दौरान सब इंस्पेक्टर नारायण बघेल ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आरोपी का पीछा किया। भागने की फिराक में अपराधी ने एसआई बघेल पर कटारनुमा नुकीले हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एसआई बघेल के हाथ की उंगली में चोट आई, लेकिन घायल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आरोपी को दबोच लिया। उनकी इस बहादुरी की प्रशंसा पूरे विभाग में हो रही है।

सुरक्षा में बड़ी चूक: बैंक में तैनात नहीं था कोई गार्ड
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गैस कटर, हथौड़ी, छेनी और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों के साथ लैस होकर आया था। बैंक की पहली मंजिल पर स्थित शाखा में सुरक्षा की बड़ी खामी भी सामने आई है। घटना के समय बैंक में कोई भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था, जिसका फायदा उठाकर अपराधी आसानी से अंदर घुस गया। फोरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। गनीमत यह रही कि पुलिस के समय पर पहुंचने से अपराधी तिजोरी या नकदी निकालने में सफल नहीं हो सका और बैंक का खजाना सुरक्षित रहा।
पुलिस की सघन जांच: दूसरे संदिग्ध की तलाश जारी
पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि शुरुआती तौर पर दो लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बैंक के सीसीटीवी फुटेज में फिलहाल एक ही आरोपी दिखाई दे रहा है। पुलिस पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति तो छिपा नहीं है। हिरासत में लिए गए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
सतर्कता का संदेश: सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि नागरिक सतर्क रहें, तो बड़े अपराधों को समय रहते रोका जा सकता है। बैंक का शटर कटा देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल, पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और इस लूटकांड के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। घायल सब इंस्पेक्टर नारायण बघेल का इलाज कराया जा रहा है और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।











