UP TET 2026 : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) की तारीखें नजदीक हैं। राज्य भर के लाखों उम्मीदवार शिक्षक बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग द्वारा इस परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा। यह परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में स्थित 955 परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में आयोजित होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे परीक्षा के स्वरूप, अंकों के वितरण और क्वालीफाइंग मानदंडों को अच्छी तरह समझ लें, ताकि वे बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सकें।

श्रेणीवार क्वालीफाइंग मार्क्स: सफलता के लिए कितने अंक जरूरी?
यूपी टीईटी परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए आयोग ने श्रेणी के आधार पर न्यूनतम अंक (Cut-off) निर्धारित किए हैं। सामान्य वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने के लिए कुल अंकों का 60 प्रतिशत प्राप्त करना अनिवार्य है। यानी 150 अंकों के प्रश्नपत्र में कम से कम 90 अंक लाना आवश्यक है। वहीं, आरक्षित श्रेणियों जैसे ओबीसी (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए पासिंग मार्क्स 55 प्रतिशत तय किए गए हैं। इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों को 150 में से कम से कम 82 अंक हासिल करने होंगे।

मार्किंग स्कीम और नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यूपी टीईटी 2026 में कोई भी ‘नेगेटिव मार्किंग’ नहीं है। इसका सीधा अर्थ है कि प्रत्येक सही उत्तर के लिए आपको निर्धारित अंक मिलेंगे, लेकिन किसी गलत उत्तर के लिए आपके अंकों में कोई कटौती नहीं की जाएगी। परीक्षा का यह स्वरूप अभ्यर्थियों को बिना किसी डर के सभी प्रश्नों के उत्तर देने का अवसर देता है। इसलिए, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रश्न को बिना हल किए न छोड़ें, क्योंकि गलत उत्तर देने पर कोई नुकसान नहीं होगा।
पेपर 1 और पेपर 2 का स्तर एवं उद्देश्य
यूपी टीईटी परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित की जाती है। ‘पेपर 1’ उन उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा 1 से 5वीं तक (प्राइमरी लेवल) के शिक्षक बनना चाहते हैं। इस परीक्षा का समय सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है। दूसरी ओर, ‘पेपर 2’ उन अभ्यर्थियों के लिए आयोजित किया जाता है जो कक्षा 6वीं से 8वीं तक (मिडिल लेवल) के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं। पेपर 2 दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। इन दोनों परीक्षाओं के जरिए राज्य में शिक्षकों की गुणवत्ता और उनकी शिक्षण क्षमता का आकलन किया जाता है। सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
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