Crude Oil Price : कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, क्या पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता? जानिए सरकार का बड़ा फैसला

Crude Oil Price :  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे महीने भारी गिरावट दर्ज की गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जून और दूसरी तिमाही के दौरान कच्चे तेल के दामों में आई यह गिरावट 2020 में कोविड महामारी के दौर के बाद से सबसे अधिक है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर 72.92 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.8% की गिरावट के साथ 69.50 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। यह स्तर ईरान पर संघर्ष शुरू होने से एक दिन पहले यानी 27 फरवरी के आसपास का है। विश्लेषकों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र से जहाजों की आवाजाही सुगम होने से सप्लाई में आई अस्थायी लहर ने कीमतों को नियंत्रित करने में मदद की है।

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ईरान-अमेरिका वार्ता और युद्धविराम की अनिश्चितता

बाजार की नजरें दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संभावित बातचीत पर टिकी हैं। हालांकि, हालिया कतर अधिकारियों के बयानों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई उच्च-स्तरीय राजनीतिक बैठक नहीं हो रही है, जिससे युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की संभावनाओं पर संदेह पैदा हो गया है। 17 जून के अंतरिम समझौते के बाद दोनों पक्षों को स्थायी युद्धविराम के लिए 60 दिन का समय दिया गया था, लेकिन हालिया गोलीबारी की घटनाओं ने इस समझौते की परीक्षा ली है। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2027 तक वैश्विक तेल बाजार में 4.8 मिलियन बैरल प्रति दिन का सरप्लस हो सकता है।

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2020 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट

तेल की कीमतें तकनीकी रूप से ‘ओवरसोल्ड’ दायरे में बनी हुई हैं। जून महीने में ब्रेंट क्रूड में लगभग 21% की गिरावट आई है, जो मार्च 2020 के बाद किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। वहीं, दूसरी तिमाही में ब्रेंट में 38% की कमी देखी गई है। अमेरिका में क्रूड ऑयल का उत्पादन अप्रैल में 13.93 मिलियन बैरल प्रति दिन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बाजार में आपूर्ति की चिंताएं कम हुई हैं। अब बाजार को अमेरिका की साप्ताहिक स्टोरेज रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके अनुसार एनर्जी कंपनियों द्वारा स्टोरेज से लगभग 4.5 मिलियन बैरल तेल निकालने का अनुमान है।

भारत में ईंधन की कीमतों पर असर

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। पिछले 37 दिनों से तेल विपणन कंपनियों ने कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया है। आखिरी बार 25 मई को कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर ‘फ्रीज बटन’ लगा रहेगा। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतें स्थिर हैं। मई महीने में ईंधन की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद से आम जनता राहत का इंतजार कर रही है।

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Chandan Das

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