Share Market : जुलाई के महीने का आगाज भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद सकारात्मक रहा। वैश्विक बाजारों से मिले उत्साहजनक संकेतों के समर्थन से 1 जुलाई, 2026 को घरेलू बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) ने शुरुआती सत्र में ही 200 अंकों से अधिक की छलांग लगाई और यह 76,697.63 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह, निफ्टी 50 (NIFTY) भी करीब 70 अंकों की तेजी के साथ 23,934.90 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। बाजार में छाई इस हरियाली का मुख्य कारण प्रमुख सेक्टरों में निवेशकों द्वारा दिखाई गई खरीदारी की रुचि है, जिसने जुलाई के पहले कारोबारी दिन को निवेशकों के लिए आशावादी बना दिया है।

किन सेक्टरों में दिखी चमक और कहाँ रहा दबाव?
बाजार के रुझानों पर नजर डालें तो आईटी (IT), ऑटो (Auto), फार्मा (Pharma), और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते हुए निवेशकों का भरोसा जीतते नजर आए। यह स्पष्ट करता है कि बाजार में चुनिंदा सेक्टरों को लेकर निवेशकों का नजरिया सकारात्मक है। हालांकि, बाजार का दूसरा पहलू भी है; मेटल, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जो बाजार की चाल में एक संतुलित दबाव बनाए हुए थी। निवेशकों के लिए फिलहाल इन सेक्टरों में सतर्कता के साथ निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप का भी मिला भरपूर साथ
भारतीय बाजार की मजबूती केवल बड़े शेयरों तक ही सीमित नहीं रही। व्यापक स्तर पर बाजार का प्रदर्शन काफी संतोषजनक रहा, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अपनी भागीदारी निभाई। निफ्टी स्मॉलकैप 250, स्मॉलकैप 100 और मिडकैप इंडेक्स में आई तेजी इस बात का प्रमाण है कि निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और बाजार के प्रति उनका सकारात्मक रुख अभी भी कायम है। बाजार में इस तरह का चौतरफा रुझान आने वाले सत्रों के लिए भी अच्छे संकेत दे रहा है। छोटे और मध्यम स्तर की कंपनियों में हो रही यह खरीदारी अर्थव्यवस्था में बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है।
ग्लोबल मार्केट्स का प्रभाव और बाजार की आगे की दिशा
भारतीय बाजार की इस तेजी के पीछे वैश्विक बाजारों का बड़ा योगदान रहा। अमेरिकी बाजार के नैस्डैक और एसएंडपी 500 इंडेक्स में दर्ज की गई मजबूती ने वैश्विक निवेशकों का मनोबल बढ़ाया, जिसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। निक्केई (जापान), शंघाई और ताइवान के बाजार भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हैंगसेंग और कोस्पी जैसे बाजारों में कुछ सुस्ती देखी गई। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड ऑयल 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 94.69 के स्तर पर है। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों पर टिकी है। बाजार की भविष्य की दिशा इन वैश्विक कारकों और दिनभर आने वाले आर्थिक आंकड़ों से ही निर्धारित होगी।
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