Ramgarh Mahotsav : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड में स्थित ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ पर आयोजित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का समापन 30 जून को हुआ। यह आयोजन सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था, लेकिन समापन के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसने महोत्सव की शांति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में महोत्सव के दौरान भीड़ द्वारा तीन महिलाओं की बेदम पिटाई की जा रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिलाओं के साथ मारपीट का सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा, जिसमें कुछ युवक कुर्सियों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर करते नजर आ रहे हैं। इस अमानवीय घटना ने देखने वालों को झकझोर कर रख दिया है।

चोरी के आरोप में भीड़ बनी जल्लाद
मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो रामगढ़ महोत्सव के दौरान का है। आरोप है कि ये तीनों महिलाएं महोत्सव में शामिल हुई अन्य महिलाओं के गले से सोने की चेन और अन्य कीमती सामान चोरी करने का प्रयास कर रही थीं। इसी दौरान कुछ जागरूक महिलाओं ने उनकी संदिग्ध हरकतों को देख लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही आसपास मौजूद भीड़ ने घेराबंदी कर तीनों महिलाओं को पकड़ लिया। भीड़ का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया और तीनों महिलाओं की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ युवक प्लास्टिक और लोहे की कुर्सियों से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार करते रहे। कुर्सियों के भीषण प्रहार से एक महिला का सिर बुरी तरह फट गया और वहां से खून बहने लगा।

माफी मांगती रहीं महिलाएं, किसी ने नहीं सुनी पुकार
वायरल वीडियो के दृश्यों में महिलाएं अपनी जान बचाने के लिए लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगती और रहम की भीख मांगती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। सिर फटने के कारण खून से लथपथ एक महिला गमछे से घाव ढंककर रोते हुए अपनी गलती स्वीकार कर रही थी, लेकिन गुस्साई भीड़ उन्हें लगातार प्रताड़ित करती रही। हालांकि, भीड़ में से ही कुछ समझदार लोगों ने आगे आकर उन महिलाओं को भीड़ के चंगुल से बचाने का प्रयास भी किया। यह पूरी घटना आधे घंटे से अधिक समय तक चलती रही, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जमावड़े और हंगामे के बावजूद पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय हैं ऐसे गिरोह
बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब भीड़भाड़ वाले मेलों या धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार के संगठित गिरोहों के सक्रिय होने की बात सामने आई है। पूर्व में भी अंबिकापुर के महामाया मंदिर समेत कई स्थानों पर महिलाओं के गिरोह द्वारा चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। ये गिरोह बड़ी चालाकी से भीड़ में शामिल होकर महिलाओं को अपना निशाना बनाते हैं। फिलहाल, रामगढ़ महोत्सव में हुई इस पिटाई के मामले में किसी भी पक्ष द्वारा थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बिना पुलिस हस्तक्षेप के कानून को हाथ में लेने का यह वीडियो अब प्रशासनिक सतर्कता पर भी बड़े सवाल उठा रहा है।
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