Ram Mandir Donation Scam : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े चर्चित दान विवाद मामले की जांच अब और अधिक गहनता के साथ आगे बढ़ेगी। राज्य सरकार ने इस संवेदनशील मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्य अवधि में विस्तार कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया है। यह निर्णय तब लिया गया जब जांच टीम ने सरकार को अवगत कराया कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं और वित्तीय लेन-देन की बारीकियों की जांच के लिए थोड़ा और समय आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी सहमति जताते हुए स्पष्ट किया कि इस संपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि है।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि इस पूरे प्रकरण में सच्चाई का पता लगाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो भी व्यक्ति या समूह इस विवादित प्रकरण में दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। एसआईटी को पूर्ण स्वायत्तता दी गई है ताकि वह बिना किसी दबाव के अपनी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचा सके। सरकार का मानना है कि समय-सीमा में यह वृद्धि जांच की गुणवत्ता में सुधार लाएगी और कोई भी महत्वपूर्ण साक्ष्य छूटने नहीं पाएगा।

एफआईआर और आरोपियों की गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एसआईटी की जांच की दिशा तय करने में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके नेतृत्व में टीम ने 23 जून को गृह विभाग को अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कई ठोस और कड़े सुझाव शामिल थे। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में औपचारिक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एफआईआर में नामित सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, जांच के दायरे में कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है, जिनकी तलाश और भूमिका की पुष्टि करने का काम जारी है।
एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी है आगे की कानूनी प्रक्रिया
वर्तमान में राज्य सरकार का पूरा ध्यान एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर केंद्रित है। इस रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी रणनीति बनाई जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस और एसआईटी मिलकर उन सभी कड़ियों को जोड़ रहे हैं जो चंदा वसूली और उसके वितरण में अनियमितताओं की ओर संकेत करती हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और षड्यंत्र के पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। आने वाले 15 जुलाई तक का समय इस मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए निर्णायक साबित होगा, जिसके बाद ही सरकार मामले में अंतिम और कड़ी कानूनी कार्रवाई की घोषणा करेगी।











