India Monsoon : राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में बादलों का डेरा जम चुका है। मॉनसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही दिल्ली का मौसम सुहावना हो गया है और बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में अगले 5 दिनों यानी 6 जुलाई तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे, जिसके साथ तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली के पड़ोसी जिलों जैसे नोएडा और गाजियाबाद सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्लीवासियों के लिए यह राहत की बात है कि भीषण गर्मी के बाद मॉनसून अब राजधानी की दहलीज पर खड़ा है और अगले 24 से 48 घंटों में इसकी विधिवत घोषणा होने की पूरी उम्मीद है।

देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता और भारी बारिश
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। यह गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कई हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी आज या कल तक अपनी दस्तक दे सकता है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण उत्तर-मध्य भारत में व्यापक वर्षा होने की प्रबल संभावनाएं हैं। अगले 5 से 6 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। वहीं, गुजरात और कोंकण तटीय इलाकों में 5 जुलाई तक भारी बारिश के संकेत दिए गए हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ आंतरिक हिस्सों में भी भारी वर्षा का दौर बना रहेगा, जिससे जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राजस्थान में आंधी और तूफान की चेतावनी
मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में 7 जुलाई तक और पूर्वी राजस्थान में 4 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होगी। विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में 3 से 5 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चलने की संभावना है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ चुनिंदा इलाकों में 3 और 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए प्रशासन ने लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में मॉनसून का विस्तार: पूर्वी और पश्चिमी इलाकों के लिए अलर्ट
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून पहुंच चुका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, वाराणसी और आसपास के जिलों में 2 से 3 जुलाई और पुनः 6 से 7 जुलाई के दौरान बारिश की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे इलाकों में 2 और 3 जुलाई को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मॉनसूनी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को लू जैसी स्थितियों से बड़ी राहत मिली है।
पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: उत्तराखंड से हिमाचल तक अलर्ट
हिमालयी राज्यों में मॉनसून का असर काफी तीव्र दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। विशेषकर उत्तराखंड में 2 जुलाई से लेकर 4 से 7 जुलाई तक आंधी और बारिश का चेतावनी स्तर बढ़ा दिया गया है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों के पास न जाने और पहाड़ी सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मुंबई और कोंकण तट पर रेड अलर्ट: जनजीवन अस्त-व्यस्त
मुंबई, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में 7 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। सांताक्रूज, कोलाबा, बांद्रा और विक्रोली जैसे इलाकों में पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई जगहों पर रेल सेवा और यातायात प्रभावित हुआ है। नवी मुंबई में भी भारी जलजमाव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी तरह मराठवाड़ा रीजन में 5 जुलाई तक और सौराष्ट्र तथा कच्छ में 4 से 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को घर में रहने और अनावश्यक यात्रा न करने का परामर्श दिया है।
बिहार-झारखंड के गंगा मैदानी इलाकों में भारी बारिश की संभावना
पूर्वी भारत की ओर रुख करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भी बारिश का अलर्ट है। बिहार में 4 जुलाई तक आंधी-तूफान के साथ मौसम में बदलाव बना रहेगा। विभाग ने 5 से 7 जुलाई के बीच 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी वर्षा की चेतावनी दी है। यह बारिश खेती के लिए तो लाभकारी है, लेकिन शहरी इलाकों में जल निकासी की समस्या उत्पन्न कर सकती है। किसानों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है क्योंकि तेज हवाओं से फसल को नुकसान हो सकता है।
Read More : Kanpur Crime : कानपुर में पहचान छिपाकर दो युवतियों से शादी, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही मामले की जांच












