Kanpur Crime : उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पनकी थाना क्षेत्र स्थित रतनपुर के कामदगिरि अपार्टमेंट में पुलिस और हिंदू संगठनों की संयुक्त छापेमारी के बाद एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने मुस्लिम होकर अपनी पहचान छिपाई और दो हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। इस व्यक्ति पर न केवल महिलाओं को धोखा देने, बल्कि उन पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और उन्हें बंधक बनाकर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

आठ साल पहले शुरू हुआ धोखे का सिलसिला और धर्म परिवर्तन का दबाव
आरोपी ने करीब आठ साल पहले अपनी असली पहचान छुपाकर एक युवती से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था। शादी के बाद वह पीड़िता को लखनऊ ले गया, जहाँ लंबे समय बाद पीड़िता को उसकी असली मजहबी पहचान का पता चला। महिला के अनुसार, सच्चाई सामने आते ही आरोपी ने उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा जाता और प्रताड़ित किया जाता था। आरोपी की इस दोहरी मानसिकता ने पीड़िता का जीवन नर्क बना दिया था, जो अपने बच्चे के साथ घुट-घुट कर जीने को मजबूर थी।

दूसरी शादी कर बंधक बनाकर रखने का घिनौना खेल
कानपुर लौटने के बाद आरोपी की हैवानियत और बढ़ गई। उसने अपनी पहली पत्नी और बच्चे को अपार्टमेंट में कैद रखने के साथ-साथ एक दूसरी हिंदू महिला को भी अपनी साजिश का शिकार बनाया। आरोपी ने दूसरी महिला से भी अपनी पहचान छुपाकर विवाह किया और दोनों महिलाओं व मासूम बच्चे को कामदगिरि अपार्टमेंट में जबरन बंधक बनाकर रखा। जब स्थानीय हिंदू संगठन बजरंग दल को इस मामले की भनक लगी, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बिना देर किए अपार्टमेंट में छापा मारकर दोनों पीड़ित महिलाओं और बच्चे को सकुशल मुक्त कराया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस और हिंदू संगठनों का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पनकी, अमित चौरसिया ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर महिलाओं को रेस्क्यू किया है। पहली पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और धर्म परिवर्तन के दबाव समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी महिला से भी पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की परतें खोली जा सकें। वहीं, बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेश तोमर ने इसे एक सुनियोजित ‘लव जिहाद’ करार देते हुए आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की है।
जांच जारी, पहचान छुपाने वाले सिंडिकेट पर उठ रहे सवाल
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। इस घटना ने एक बार फिर पहचान छुपाकर की जाने वाली शादियों और सुरक्षा के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद इस मामले में और भी कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है, और लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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