Manipur Violence : मणिपुर में एक बार फिर शांति व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा हो गई हैं। राज्य में छह आम नागरिकों की नृशंस हत्या के बाद से स्थिति बिगड़ती जा रही है। इन हत्याओं से आक्रोशित नागा समूहों द्वारा नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर की जा रही अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन उन छह लियांगमाई नागा लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर शुरू हुआ है, जिनका कथित तौर पर 13 मई को अपहरण कर लिया गया था और करीब एक महीने बाद उनके क्षत-विक्षत शव बरामद हुए थे। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है कि इन हत्याओं के पीछे कुकी उग्रवादियों का हाथ है या नहीं।

प्रदर्शनकारियों की मांग और आर्थिक नाकेबंदी का असर
प्रदर्शनकारी नागा संगठनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कुकी समुदाय के कुछ लोगों द्वारा हत्याओं के संबंध में दिए गए कथित बयानों की भी कड़ी निंदा की है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते नामदुइलोंग क्रॉसिंग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थानीय लियांगमाई नागा स्वयंसेवक और मैतेयी महिलाएं मिलकर इंफाल से कांगपोकपी जाने वाली आवश्यक वस्तुओं और सामानों की आपूर्ति को रोक रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा बलों, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से दूर रखा गया है, लेकिन आम यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए यह रास्ता बंद होने से जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है।

हाईवे पर टकराव और प्रशासन का सख्त रुख
यह विरोध प्रदर्शन 5 जून को शुरू हुआ था, जो अब 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारियों को डर है कि सुरक्षा बल हाईवे को खाली कराने की कोशिश करेंगे, इसलिए वे भारी संख्या में समर्थकों को जुटा रहे हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए इंफाल पश्चिम के अधिकारियों ने नामदुइलोंग इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस टीमों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CRPF) को तैनात करने के आदेश जारी किए हैं। दूसरी तरफ, 30 जून से कांगपोकपी जिले में कुकी-जो समुदाय के लोग जवाबी प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे इस प्रमुख सड़क मार्ग पर दो समुदायों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।
इंफाल में वाहन में आगजनी: कानून-व्यवस्था को चुनौती
अशांति के बीच, इंफाल पूर्व में हिंसक घटनाएं भी सामने आई हैं। गुरुवार तड़के, प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने टेलीकॉम उपकरण ले जा रहे एक वाहन को रोककर उसमें आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों का झूठा दावा था कि गाड़ी में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद और नशीले पदार्थ ले जाए जा रहे थे। सुरक्षा बलों द्वारा लौटाए जाने के दौरान यह गाड़ी प्रदर्शनकारियों के हत्थे चढ़ गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को काबू में किया और मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाईवे कॉरिडोर पर बना यह तनाव राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
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