IMD Weather Alert: भारत में मानसून का प्रभाव अब व्यापक होता जा रहा है और देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी पहुंच को और विस्तार दिया है। 3 जुलाई तक मानसून ने गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले 4 से 5 दिनों तक मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, जहां हल्की बारिश से लेकर भारी वर्षा और आंधी-तूफान का दौर देखा जा सकता है। इस दौरान हवाओं की गति 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

किन राज्यों में रहेगा मौसम का मिजाज सख्त?
मौसम विभाग ने विशेष रूप से कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के लिए 4 से 6 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा आज यानी 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में भी मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। चेतावनी वाले राज्यों की सूची में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, केरल, नागालैंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, विदर्भ, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी चलने का भी खतरा बना हुआ है, जिसके चलते आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा: आंधी-बारिश की चेतावनी
राजधानी दिल्ली में आज शनिवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। दिल्ली के लिए अगले दो-तीन दिनों तक आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। 6 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का यह सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई तक बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 4 से 9 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी और प्रयागराज जैसे जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर में भी मेघगर्जन के साथ बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
बिहार में मेघगर्जन और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट
बिहार में भी मानसून का व्यापक असर देखा जा रहा है। 4 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पश्चिम और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी में एक-दो स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
राजस्थान और पंजाब: आंधी-तूफान और बारिश का मिला-जुला असर
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 9 जुलाई के बीच हल्की से लेकर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पंजाब में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, मोहाली, गुरदासपुर और फिरोजपुर जैसे शहरों में 9 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का खतरा: सतर्क रहें पर्यटक
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हिमाचल के शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहेगी। 5, 8 और 9 जुलाई को राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह, उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में व्यापक वर्षा और भूस्खलन की आशंका है। मौसम विभाग ने पर्यटकों को सलाह दी है कि यात्रा करने से पहले मौसम के ताजा अपडेट जरूर लें।
प्रमुख शहरों का संभावित तापमान (4 जुलाई)
उपरोक्त आंकड़ों के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जो मानसून के सक्रिय होने का संकेत है। प्रशासन ने सभी संबंधित क्षेत्रों में आपातकालीन तैयारियों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
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