Telegram News :Telegram पर सरकार की बड़ी सख्ती, पायरेटेड फिल्म और OTT कंटेंट तुरंत हटाने का आदेश जारी

Telegram पर पायरेटेड फिल्में और OTT कंटेंट साझा करने को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नए निर्देश के तहत ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने के आदेश दिए गए हैं। इस फैसले का प्लेटफॉर्म, कंटेंट क्रिएटर्स और करोड़ों यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा, पूरी जानकारी पढ़िए।

Telegram News : डिजिटल दुनिया में पायरेसी पर नकेल कसने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अब टेलीग्राम (Telegram) के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ा दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को एक औपचारिक नोटिस जारी किया है, जिसमें टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर हो रही फिल्म और ओटीटी (OTT) कंटेंट की पायरेसी को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। सरकार ने टेलीग्राम प्रबंधन को निर्देशित किया है कि वे तुरंत प्रभाव से इस पायरेटेड कंटेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही, मंत्रालय ने टेलीग्राम को 15 दिनों के भीतर इस दिशा में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट (Action Taken Report) सौंपने का भी आदेश दिया है।

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पायरेसी के खिलाफ सरकार का सख्त रुख

सूत्रों के अनुसार, सरकार का यह कदम देश की विशाल ‘क्रिएटर इकोनॉमी’, फिल्म इंडस्ट्री, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म और कंटेंट प्रोड्यूसर्स के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि टेलीग्राम का उपयोग पायरेटेड सामग्री को मुफ्त में साझा करने के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह के रूप में किया जा रहा है। पायरेसी के कारण न केवल फिल्म निर्माताओं को करोड़ों का आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि यह क्रिएटिविटी के भविष्य के लिए भी एक बड़ा खतरा है। सरकार की यह पहल इंडस्ट्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास है।

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यूजरनेम फीचर पर भी उठे गंभीर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब टेलीग्राम सरकारी जांच के घेरे में आया है। इससे कुछ दिन पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम को उसके ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर एक नोटिस जारी किया था। सरकार ने इस फीचर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और स्पष्टीकरण मांगा है कि यह प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी, पहचान की चोरी (Impersonation) और गलत जानकारी के प्रसार से जुड़ी गंभीर समस्याओं को कैसे नियंत्रित कर रहा है। मंत्रालय ने टेलीग्राम से यह पूछा है कि ऐसी चिंताओं के बावजूद उन्हें अपने मौजूदा यूजरनेम फीचर को बनाए रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए? यह स्पष्ट करता है कि सरकार अब टेलीग्राम की सुरक्षा नीतियों को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

हालिया प्रतिबंध और भविष्य की चुनौतियां

विगत कुछ महीनों में टेलीग्राम भारत में कई नियामकीय जांचों के केंद्र में रहा है। धोखाधड़ी, संवेदनशील जानकारी के अनियंत्रित प्रसार और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण इस प्लेटफॉर्म को हाल ही में एक सप्ताह के लिए प्रतिबंधित भी किया गया था। सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम और उसकी वेब सेवाओं को ब्लॉक कर दिया था, जिसका मुख्य कारण नीट (NEET) मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित धोखाधड़ी के प्रसार को रोकने में मंच की विफलता थी। हालांकि, प्रतिबंध हटने के बाद यह सेवा पुनः चालू हो गई, लेकिन सरकार की नजरें अब टेलीग्राम के हर कदम पर हैं। इस तरह के बार-बार के हस्तक्षेप यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में टेलीग्राम को भारत के सूचना प्रौद्योगिकी और सुरक्षा कानूनों का कड़ाई से पालन करना होगा, अन्यथा उसे भविष्य में और भी अधिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

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