Rudraprayag News : उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र और ऊपरी हिमालयी इलाकों में रविवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने अब मैदानी और तटीय इलाकों में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। चमोली और अन्य उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा का सीधा असर रुद्रप्रयाग में देखने को मिल रहा है, जहाँ अलकनंदा नदी ने बेहद विकराल और डरावना रूप धारण कर लिया है। नदी का बहाव इतना तेज है और उसमें इतना अधिक मलबा बहकर आ रहा है कि वह अपने चेतावनी स्तर के बिल्कुल करीब पहुँच चुकी है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं क्योंकि स्थिति किसी भी समय और अधिक भयावह हो सकती है।

भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पानी में समाई, घाट डूबे
अलकनंदा के रौद्र रूप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी तट से लगभग 20 से 25 मीटर की दूरी पर स्थापित भगवान शिव की भव्य और विशाल प्रतिमा पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी है। नदी अपने सामान्य बहाव क्षेत्र से कई मीटर बाहर फैल गई है, जिससे तटवर्ती इलाके जलमग्न हो गए हैं। रुद्रप्रयाग का प्रसिद्ध ‘नमामि गंगे’ घाट भी पूरी तरह से पानी के नीचे है। घाटों की ओर जाने वाले सभी संपर्क मार्ग बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने वहां आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हर तरफ केवल पानी का तेज बहाव और मलबे की भयावहता ही दिखाई दे रही है।

जलस्तर 622.90 मीटर के पार, बेलनी क्षेत्र पर बाढ़ का खतरा
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर समुद्र तल से 622.90 मीटर ऊपर दर्ज किया गया है। नदी का जल बेहद मटमैला है और उसकी गति बहुत तीव्र है, जो निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। रुद्रप्रयाग शहर के निचले और तटीय इलाकों, विशेष रूप से बेलनी क्षेत्र में बाढ़ का मंडराता खतरा चिंता का विषय बना हुआ है। रुद्रप्रयाग नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संतोष रावत ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों और श्रद्धालुओं से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ पिघलने और लगातार हो रही भारी बारिश के संयुक्त प्रभाव से जलस्तर में यह अचानक उछाल आया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: तटीय निवासी सुरक्षित स्थानों पर जाएं
प्रशासन ने नदी किनारे बसे निवासियों से अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। विशेष रूप से रात के समय लोगों को एक्स्ट्रा अलर्ट रहने को कहा गया है क्योंकि जलस्तर के और बढ़ने की पूरी संभावना है। वर्तमान में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और नगर पालिका की टीमें चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है, जिसके चलते पूरे जिले में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के करीब न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके।
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