Cristiano Ronaldo : पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक बार फिर पुष्टि की है कि यह उनका छठा और अंतिम फीफा विश्व कप होगा। स्पेन के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 41 वर्षीय रोनाल्डो अपने चिर-परिचित मजाकिया और आत्मविश्वास से भरे अंदाज में नजर आए। पत्रकारों के विदाई से संबंधित सवालों पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “ऐसा लग रहा है कि आप लोग मुझे मैदान से विदा करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस विश्व कप के हर क्षण का आनंद लेना चाहते हैं। रोनाल्डो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 146 गोलों के कीर्तिमान और ईश्वर की कृपा के बाद उन्हें जीवन में किसी चीज की कमी नहीं है, और अब वे केवल अपने खेल का भरपूर लुत्फ उठाना चाहते हैं।

निजी यादें और खेल के प्रति नजरिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोनाल्डो ने फुटबॉल से इतर अपनी निजी स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लैटिन अमेरिकी लोगों के साथ उनके संबंध रहे हैं। एक मजेदार किस्सा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि उड़ान के दौरान उन्होंने एक एयर होस्टेस को केवल उसके देखने के अंदाज से पहचान लिया कि वह अर्जेंटीना की है। रोनाल्डो ने कहा कि फुटबॉल के प्रति लोगों का प्रेम और उनके साथ जुड़ी यादें ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी हैं। खेल के प्रति अपनी गंभीरता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतना या न जीतना उन्हें न तो छोटा बनाता है और न ही बड़ा। हालांकि, पुर्तगाल की टीम ट्रॉफी जीतने का सपना देख रही है और उसके लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।

स्पेन के खिलाफ निर्णायक मुकाबले की तैयारी
स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने रोनाल्डो की प्रतिभा और अनुभव के प्रति आगाह किया है। उन्होंने अपनी टीम को निर्देश दिया है कि मैदान के हर हिस्से में रोनाल्डो की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाए, क्योंकि वे किसी भी क्षण मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। 2018 के विश्व कप में स्पेन के खिलाफ रोनाल्डो की यादगार हैट्रिक आज भी प्रशंसकों के जेहन में ताजा है। पुर्तगाल की टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए बेताब है। रोनाल्डो, जो मौजूदा टूर्नामेंट में तीन गोल कर चुके हैं और विश्व कप करियर में 11 गोलों के मालिक हैं, अपनी टीम की सफलता के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
उम्र और अनुभव का संतुलन
अपनी बढ़ती उम्र पर बात करते हुए रोनाल्डो ने स्वीकार किया कि उन्होंने समय के साथ अपने खेल की शैली में बदलाव किए हैं। वे जानते हैं कि वे अब पहले जैसे खिलाड़ी नहीं रहे, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी ‘गोल करने की क्षमता’ आज भी वैसी ही है। गोल्डन बूट की दौड़ में मेस्सी और एम्बाप्पे जैसे खिलाड़ियों से तुलना पर उन्होंने सहजता दिखाई। रोनाल्डो ने कहा कि कुछ खिलाड़ी इस बार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके गोलों की संख्या अधिक हो सकती है, लेकिन उनका स्वयं का प्रदर्शन भी खराब नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्पेन के खिलाफ मैच में वे या उनकी टीम का कोई अन्य खिलाड़ी गोल करके जीत सुनिश्चित करेगा, ताकि उनका यह सफर और आगे बढ़ सके।
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