Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। रविवार को बस्तर जिले के जगदलपुर में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की, जिसमें पार्टी ने आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए एक बड़ा राजनीतिक दावा पेश किया है। पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी सौरभ झा ने बस्तर की धरती से यह घोषणा की कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ की सभी सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह घोषणा राज्य की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों, बीजेपी और कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

“लूट का अड्डा”: बीजेपी और कांग्रेस पर बरसी आम आदमी पार्टी
प्रेसवार्ता के दौरान सौरभ झा ने बीजेपी और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ही दलों ने छत्तीसगढ़ को केवल ‘लूट का अड्डा’ बनाकर रखा है और प्रदेश की जनता को इनके शासन में केवल उपेक्षा ही मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि आम आदमी पार्टी अब जनता के सामने एक एकमात्र मजबूत, ईमानदार और विकासोन्मुख विकल्प के रूप में उभरेगी। पार्टी की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि अगले महीने से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा स्तर पर दौरे शुरू करेगा, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा सके। कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और जनता तक अपनी नीतियों को पहुंचाने के लिए यह दौरा मील का पत्थर साबित होगा।

गठबंधन से किनारा: सदस्यता अभियान के जरिए बदलेगी चुनावी रणनीति
पार्टी की आगामी रणनीतिक दिशा के बारे में जानकारी देते हुए सौरभ झा ने बताया कि 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में एक व्यापक सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और किसानों को पार्टी से जोड़ना है। उन्होंने वर्ष 2023 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि तब ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा होने के कारण पार्टी सभी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ पाई थी, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा थी। लेकिन अब गठबंधन की सीमाओं से मुक्त होकर, पार्टी पूरे दमखम के साथ सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह निर्णय पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा का संचार करने वाला है।
कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप और भविष्य की राह
सौरभ झा ने कांग्रेस पर गठबंधन के दौरान सहयोगी दलों को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति ने सहयोगी दलों के हितों की अनदेखी की, जिसका खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ा है। आम आदमी पार्टी अब जनता से जुड़े हर बुनियादी मुद्दे, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार पर उनकी आवाज बनेगी। पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में एक ऐसी व्यवस्था कायम करना है जो आम आदमी के हितों के लिए समर्पित हो। आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी की यह आक्रामक रणनीति छत्तीसगढ़ के चुनावी समीकरणों को किस दिशा में ले जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रही है और प्रदेश की सभी सीटों पर अपना परचम लहराने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है।
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