FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुँच चुका है। शुरुआत में कप जीतने के सपने के साथ मैदान में उतरीं 64 टीमें अब सिमटकर केवल 8 रह गई हैं, जबकि 56 टीमों को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। आगामी 10 जुलाई से क्वार्टर-फाइनल मुकाबलों का आगाज होगा, जिस पर दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई हैं। इस टूर्नामेंट में टीम की खिताबी जीत के अलावा एक और चीज है जिसे लेकर फैंस और खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्सुकता है—वह है प्रतिष्ठित ‘गोल्डन बूट’ अवॉर्ड।
यह अवॉर्ड उस खिलाड़ी को दिया जाता है जो पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करता है, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वालों को क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज बूट से सम्मानित किया जाता है। फिलहाल इस दौड़ में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी सबसे आगे चल रहे हैं, लेकिन उन्हें फ्रांस के किलियन एमबापे और नॉर्वे के एर्लिंग हालंद से कड़ी चुनौती मिल रही है।
लियोनल मेसी का दबदबा: 8 गोल के साथ शीर्ष पर अर्जेंटीना के कप्तान
अर्जेंटीना की टीम ने राउंड ऑफ 16 तक अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। इजिप्ट के खिलाफ हालिया रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने 0-2 से पिछड़ने के बावजूद अंत में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की और क्वार्टर-फाइनल का टिकट कटाया। इस जीत में लियोनल मेसी का गोल बेहद निर्णायक रहा, जिसने न केवल टीम को जीत दिलाई बल्कि मेसी को गोल्डन बूट की दौड़ में एक बार फिर पहले पायदान पर ला खड़ा किया है। वर्तमान में मेसी के नाम टूर्नामेंट में 8 गोल दर्ज हैं।
वहीं, इस रेस में फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एमबापे 7 गोल और 2 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि नॉर्वे के घातक स्ट्राइकर एर्लिंग हालंद 7 गोल के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं। क्वार्टर-फाइनल में इन तीनों दिग्गजों की नजरें अपनी-अपनी टीमों को सेमीफाइनल में पहुंचाने के साथ-साथ अधिक से अधिक गोल करने पर टिकी होंगी।
क्या अधूरा सपना पूरा कर पाएंगे मेसी?
फुटबॉल जगत के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों (GOAT) में गिने जाने वाले लियोनल मेसी के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। अपने शानदार करियर में मेसी ने अनगिनत ट्रॉफियां जीती हैं, लेकिन ‘गोल्डन बूट’ उनके लिए अब भी एक अधूरा सपना है। साल 2022 के पिछले फीफा वर्ल्ड कप में मेसी ने 7 गोल किए थे, लेकिन वह उस समय दूसरे स्थान पर रहे थे। उस संस्करण में किलियन एमबापे ने 8 गोल के साथ गोल्डन बूट पर कब्जा जमाया था। इस बार परिस्थितियां अलग हैं और मेसी बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे हैं। मेसी के प्रशंसकों को उम्मीद है कि इस बार वह न केवल अपनी टीम को खिताब जिताएंगे, बल्कि अपने करियर का पहला गोल्डन बूट भी अपने नाम करेंगे।
क्वार्टर-फाइनल की जंग: गोल की भूख और रणनीति का इम्तिहान
जैसे-जैसे वर्ल्ड कप अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, खिलाड़ियों पर दबाव और बढ़ता जा रहा है। क्वार्टर-फाइनल के मैचों में रक्षात्मक खेल के साथ-साथ गोल करने की सटीकता ही जीत हार का फैसला करेगी। मेसी, एमबापे और हालंद जैसे खिलाड़ी जानते हैं कि एक छोटा सा मौका भी उन्हें गोल्डन बूट की ट्रॉफी दिला सकता है। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है कि खेल के ये तीन बड़े सितारे एक साथ इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के लिए आमने-सामने हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 10 जुलाई से शुरू होने वाले अगले दौर में कौन सा खिलाड़ी गोल करने की इस रेस में खुद को सबसे आगे रखता है और कौन सा खिलाड़ी इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करवाता है।
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