Bhilai RTO News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की सीमा से गुजरने वाले एनएच-30 पर दुर्ग RTO की उड़नदस्ता टीम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ट्रक चालकों ने टीम पर एंट्री के नाम पर कथित अवैध वसूली, गाली-गलौज और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को मुजालगोंदी के पास कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ट्रक चालकों ने करीब तीन घंटे तक हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ ने कलेक्टर से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

चालक ने कॉलर पकड़कर ट्रक से उतारने का लगाया आरोप
ट्रक चालक विकास यादव ने आरोप लगाया कि दुर्ग RTO की उड़नदस्ता टीम ने उसका पीछा करते हुए वाहन को रोका। इसके बाद टीम के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर उसका कॉलर पकड़कर ट्रक से नीचे उतार दिया। चालक का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और एंट्री के नाम पर पैसे मांगे गए। चालक ने पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

दस्तावेज पूरे होने पर भी पैसे मांगने का आरोप
ट्रक चालकों का आरोप है कि उनके पास वाहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर परेशान किया जाता है। चालकों का कहना है कि यदि एंट्री के नाम पर मांगी गई रकम नहीं दी जाती है तो कथित तौर पर चालान काटने की धमकी दी जाती है। इस तरह की शिकायतें मुजालगोंदी, मरकाटोला और चारामा घाट के आसपास के इलाकों से सामने आने की बात ड्राइवर संघ ने कही है।
ड्राइवर संघ ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ ने कथित वसूली और मारपीट की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित देवांगन ने कहा कि यदि चालकों से कथित तौर पर एंट्री के नाम पर पैसे लेने की शिकायतें बंद नहीं हुईं तो संगठन बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेगा। उनका कहना है कि दस्तावेज पूरे होने के बावजूद वाहनों में खामियां निकालकर कार्रवाई करना और पैसे मांगना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
तीन घंटे तक जाम रहा हाईवे
रविवार को मुजालगोंदी के पास RTO उड़नदस्ता की कार्रवाई के विरोध में ट्रक चालक सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते विरोध बढ़ गया और एनएच-30 पर करीब तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। हाईवे जाम होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे नियमों के तहत होने वाली जांच और कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन कथित अवैध वसूली और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

कलेक्टर से की गई निष्पक्ष जांच की मांग
हाईवे जाम के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा। सोमवार को छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ ने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संघ के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा कि यदि किसी वाहन के कागजात अधूरे हैं तो नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद चालकों को धमकाना या परेशान करना उचित नहीं है।
RTO उड़नदस्ता पर कार्रवाई में अति का आरोप
ड्राइवर संघ का आरोप है कि दुर्ग RTO की उड़नदस्ता टीम द्वारा वाहनों की जांच के दौरान कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा सख्ती की जा रही है। संघ ने कहा कि ट्रक चालक पहले से ही लंबी दूरी की यात्रा और परिवहन संबंधी कई चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में जांच के दौरान उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। संघ ने प्रशासन से टीम की कार्यप्रणाली की भी जांच कराने की मांग की है।
विभाग ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, दुर्ग उड़नदस्ता के निरीक्षक संतोष हरिपाल ने ट्रक चालकों की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि टीम द्वारा नियमों के उल्लंघन पर की जाने वाली चालानी कार्रवाई को ही कुछ लोग अवैध वसूली के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय टीम नियमों के अनुसार वाहनों की जांच करती है और कार्रवाई दस्तावेजों तथा उल्लंघन के आधार पर की जाती है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
विभाग की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रक चालकों द्वारा लगाए गए कथित वसूली, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल ड्राइवर संघ ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं, विभाग ने भी मामले की जांच का भरोसा दिया है।
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