NATO Summit 2026: तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति में बड़े बदलावों का साक्षी बना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ हुआ समझौता (MoU) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें “हिंसक और बीमार” करार दिया और कहा कि ईरान द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन स्थिति को युद्ध के मुहाने पर ले आया है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी लंबे संघर्ष की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए अमेरिका कठोर कदम उठाने को तैयार है।

नाटो का रक्षा बजट: 50 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश
ट्रंप के दबाव के बाद, नाटो सदस्य देशों ने रक्षा बजट में बड़ी वृद्धि पर सहमति जताई है। घोषणापत्र के अनुसार, गठबंधन अब 50 बिलियन डॉलर से अधिक की नई सैन्य खरीद करेगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक, एआई मॉडल, एकीकृत हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणाली और एक इंटरऑपरेबल ट्रांसअटलांटिक वॉरफाइटिंग क्लाउड शामिल है। नाटो के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में नाटो यूरोप और कनाडा का औसत रक्षा व्यय जीडीपी का 2.53 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ट्रंप ने इसे एक “शानदार प्रगति” बताया है, हालांकि अभी भी अधिकांश देश 3.5 प्रतिशत के लक्ष्य से पीछे हैं।

यूक्रेन के लिए 80 बिलियन यूरो का सैन्य और आर्थिक समर्थन
शिखर सम्मेलन का एक मुख्य हिस्सा यूक्रेन-रूस संघर्ष पर केंद्रित रहा। नाटो ने यूक्रेन के लिए 80 बिलियन यूरो ($80 बिलियन) की सैन्य सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता में ट्रंप ने यूक्रेन को ‘पैट्रियट’ मिसाइल प्रणालियों के निर्माण का अधिकार देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह कदम यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। जेलेंस्की ने इस समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इसे शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप का दावा और डेनमार्क का कड़ा रुख
शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अपने दावे को फिर से दोहराया, जिसे उन्होंने अमेरिका की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए इसे डेनमार्क के लिए कम महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने अपने कड़े रुख को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और यूरोपीय संघ ने भी डेनमार्क के संप्रभुता के अधिकार का समर्थन किया है। यह मुद्दा गठबंधन के भीतर एक अलग तरह का राजनयिक तनाव पैदा करता दिख रहा है।
सहयोगियों की आलोचना और स्पेन के साथ व्यापारिक संबंधों पर रोक
ट्रंप ने नाटो सहयोगियों के प्रति अपनी नाराजगी भी खुलकर जाहिर की। उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन की प्रशंसा की, लेकिन अन्य देशों पर ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का साथ न देने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सदस्य देश आतंकवाद के प्रायोजक देश के खिलाफ मदद करने से हिचकिचा रहे हैं। अपने गुस्से का इजहार करते हुए, ट्रंप ने स्पेन के साथ व्यापारिक संबंधों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया, जो नाटो के भीतर बढ़ते मतभेदों को दर्शाता है।
वैश्विक समीकरणों का नया भविष्य
अंकारा सम्मेलन ने स्पष्ट कर दिया है कि नाटो अब केवल एक रक्षा गठबंधन नहीं रह गया है, बल्कि यह बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अपनी रणनीतियों को तेजी से बदल रहा है। ईरान के साथ तनाव, यूक्रेन को आत्मनिर्भर बनाना और रक्षा बजट में भारी निवेश—ये सभी कदम आने वाले समय में विश्व व्यवस्था को नई दिशा देंगे। ट्रंप की स्पष्ट नीतियों और नाटो की नई सैन्य प्रतिबद्धताओं ने भू-राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है, जहां अब ‘अटूट समर्थन’ और ‘सख्त आर्थिक प्रतिबंध’ एक साथ चल रहे हैं।
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