Monsoon Asthma Alert: मानसून का आगमन चिलचिलाती गर्मी से तो राहत दिलाता है, लेकिन अपने साथ नमी और ठंडक लेकर आता है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है। विशेष रूप से अस्थमा के मरीजों के लिए यह मौसम किसी चुनौती से कम नहीं होता। अत्यधिक नमी, फफूंद (Mold) का तेजी से पनपना और वायरल संक्रमण सांस लेने में गंभीर कठिनाई पैदा कर सकते हैं। शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, इस दौरान अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रित रखने के लिए मरीजों को अपनी दिनचर्या और आदतों में विशेष बदलाव करने की आवश्यकता होती है।

घर का वातावरण और स्वच्छता का रखें विशेष ख्याल
मानसून में घर की दीवारों, कोनों और दरवाजों पर नमी के कारण फफूंद पनपने लगती है, जो अस्थमा को ट्रिगर करने का मुख्य कारण है। घर को सूखा और फफूंद रहित रखने के लिए नमी वाले कोनों की नियमित जांच करें और उन्हें साफ रखें। घर में हवा का आवागमन बेहतर बनाए रखें। यदि संभव हो, तो डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करें ताकि घर में आर्द्रता का स्तर संतुलित रहे। साथ ही, इनडोर पौधों को घर के अंदर न रखें, क्योंकि उनकी मिट्टी में फफूंद पनपने का डर रहता है। बाहर से आने वाले प्रदूषक तत्वों से बचने के लिए घर से बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।

दवाओं में लापरवाही न बरतें और बचाव का रखें ध्यान
अस्थमा के मरीजों के लिए सबसे जरूरी है अपनी दवाओं को समय पर लेना। इनहेलर (MDI या DPI) का उपयोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से करें; इन्हें अपनी आदत नहीं, बल्कि जरूरत समझें। मानसून में वायरल संक्रमण अस्थमा के दौरे (Asthma Attack) का प्रमुख कारण होता है, इसलिए अस्वस्थ लोगों से दूरी बनाए रखें और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें। इसके अलावा, एयर कंडीशनर (AC) का उपयोग करते समय सावधानी बरतें। सुनिश्चित करें कि ठंडी हवा का झोंका सीधे आपके चेहरे पर न पड़े, क्योंकि यह सांस की नली में संकुचन पैदा कर सकता है।
खान-पान में सावधानी और जीवनशैली में सुधार
इस मौसम में अपने खान-पान पर नियंत्रण रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अत्यधिक ठंडी चीजों जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम या फ्रिज में रखी ठंडी वस्तुओं के सेवन से पूरी तरह बचें, क्योंकि ये अस्थमा के लक्षणों को तेजी से बढ़ा सकती हैं। इसके बजाय, ताजा और हल्का गर्म भोजन लेने को प्राथमिकता दें। एक संतुलित और पौष्टिक आहार आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही, बाहर काम करते समय एलर्जेन और धूल से बचने के लिए मास्क का हमेशा उपयोग करें। यदि आप अस्थमा के मरीज हैं, तो इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप मानसून के जोखिमों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं और इस मौसम का आनंद बिना किसी डर के ले सकते हैं।
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