Ram Mandir Donation Case : चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप, 30 बैंक खातों पर लगी रोक

राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान आरोप है कि दान की राशि का इस्तेमाल ब्याज पर पैसा देने और शेयर बाजार में निवेश जैसे कार्यों में किया गया। इसी सिलसिले में 30 बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है। अधिकारी अब वित्तीय लेन-देन और धन के उपयोग की विस्तृत जांच कर रहे हैं। मामले की जांच जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष आना बाकी है।

Ram Mandir Donation Case : अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हुई कथित चोरी और अनियमितता के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मंदिर के दान से चुराए गए रुपयों का एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया था और कुछ रकम ब्याज पर भी उधार दी गई थी। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी इस धनराशि को छिपाने के लिए अपने रिश्तेदारों और बेहद करीबी सहयोगियों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है।

ads
Adst

आरोपियों के घरों पर SIT की छापेमारी और बैंक खातों पर रोक

बुधवार और गुरुवार को पुलिस ने मुख्य आरोपियों—अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे—के घरों पर छापामारी की। जांच दल ने आरोपियों के रिश्तेदारों से जुड़े 30 बैंक खातों में लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रारंभिक वित्तीय जांच में इन खातों में खाताधारकों की आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक का लेनदेन पाया गया है, जो सीधे तौर पर गबन की राशि से जुड़ा प्रतीत होता है। तलाशी के दौरान पुलिस को नकदी के बंडल, सोने के आभूषण (झुमके और लॉकेट) तथा एक कार भी बरामद हुई है, जिसे सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है।

Adst

शेयर बाजार और जमीन में खपाया गया दान का धन

पूछताछ के दौरान आरोपी अनुकल्प मिश्रा और अविनाश ने कथित तौर पर इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने मंदिर के चढ़ावे से चुराई गई राशि को शेयर बाजार में निवेश किया था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने इस काला धन को ठिकाने लगाने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया था। वे पहले रकम को अपने रिश्तेदारों में बांटते थे और फिर उसे घुमा-फिराकर वापस अपने बैंक खातों में अंतरित कर लेते थे ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस को अनुकल्प मिश्रा के घर से एक एकड़ जमीन खरीदने के दस्तावेज भी मिले हैं, जिसे उसने महज 6.7 लाख रुपये में खरीदा था, जबकि बाजार में इसकी कीमत करोड़ों में होने का अनुमान है।

अनियमितताओं के बाद SIT का गठन और आठ गिरफ्तारियां

यह पूरा विवाद जून 2026 के पहले सप्ताह में तब शुरू हुआ, जब राम मंदिर में दान की गई राशि की गिनती के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। ट्रस्ट की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच में प्रथम दृष्टया गबन के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और मंदिर के दान की गणना प्रक्रिया में शामिल आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों और बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाएगा।

Read More :  PM Modi at MCG: मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से बड़ा ऐलान, चेन्नई में होगा BBL का ओपनिंग मैच

Adst
Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst