Iran War Update: ईरान में तनाव का माहौल थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश में लगातार तीसरे दिन भी कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं। गुरुवार देर रात दक्षिणी ईरान के बुशहर, चोघादक और कोनारक जैसे प्रमुख शहरों में हुए इन धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन धमाकों का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और सैन्य अधिकारी इन घटनाओं की गहन जांच कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि ये धमाके किसी बाहरी हमले का हिस्सा हैं या तकनीकी खराबी का परिणाम।

इजरायली संलिप्तता की चर्चा, विशेषज्ञों ने जताए कयास
इस ताजा घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों के पीछे इजरायल का हाथ हो सकता है। पूर्व अमेरिकी अधिकारी डैन ग्रेजियर ने अल-जजीरा के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि वर्तमान सैन्य कार्रवाई की जिम्मेदारी इजरायल की हो सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि अमेरिका ने ऐसा कोई ऑपरेशन किया होता, तो वह स्पष्ट रूप से इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करता। ग्रेजियर के अनुसार, फरवरी के अंत से ही इजरायल और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग बढ़ा है, इसलिए इजरायल द्वारा इस हमले को अंजाम देने की संभावना प्रबल है।

अमेरिका ने हमलों में किसी भी भूमिका से किया इनकार
इन हमलों के बीच अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने ईरान के अंदर जारी सैन्य कार्रवाई में अपनी भागीदारी से पूरी तरह इनकार किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि न तो वे अभी और न ही बीते कुछ घंटों में ईरान के भीतर किसी सैन्य हमले का हिस्सा रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रातों में अमेरिका द्वारा ईरान के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाने की खबरें आई थीं, लेकिन इस बार अमेरिका ने खुद को इन घटनाओं से अलग रखा है।
एयर डिफेंस सिस्टम हुआ सक्रिय, हताहतों की जानकारी अभी नहीं
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, बुशहर के डिप्टी गवर्नर एहसान जहानियन ने धमाकों की पुष्टि करते हुए कहा कि अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये आवाजें क्या थीं। उन्होंने आशंका जताई कि ये धमाके ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने या किसी दुश्मन ड्रोन को मार गिराने के कारण हो सकते हैं। वहीं, मकरान तट के कोनारक बंदरगाह पर भी तीन बड़े धमाकों की सूचना मिली है। हालांकि, इन घटनाओं में जान-माल के किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
तनावपूर्ण हालात और बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
ईरान में लगातार हो रहे इन धमाकों ने क्षेत्रीय सुरक्षा के समीकरणों को बदल दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज पर हुए हमले के बाद उपजे तनाव ने क्षेत्र को पूर्ण युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। वैश्विक समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। फिलहाल ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी और संदिग्ध हमलों की जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व की स्थिति और अधिक संवेदनशील होने की संभावना बनी हुई है।
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