E25 Petrol Update: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि E25 (25% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को अभी केवल परीक्षण (testing) के स्तर पर रखा गया है। देशभर में इसे अनिवार्य रूप से लागू करने के बारे में सरकार ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। मंत्री ने कहा कि यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और इसके पूरा होने की कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है। सरकार किसी भी नीति को लागू करने से पहले सभी वैज्ञानिक अध्ययनों और संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा को प्राथमिकता देती है।

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का नजरिया: ईंधन विकल्पों की अहमियत
इस विषय पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी अपनी राय साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंधन से संबंधित नीतिगत फैसले पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। गडकरी ने स्वीकार किया कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल के मुकाबले थोड़ी कम होती है, जिसका माइलेज पर आंशिक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, वाहन का प्रदर्शन केवल ईंधन पर नहीं, बल्कि सड़क की स्थिति और ट्रैफिक के प्रकार पर भी निर्भर करता है। उन्होंने वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की वकालत करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को मेथनॉल, इथेनॉल और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के बीच चुनने की आजादी होनी चाहिए।

प्रोपेगैंडा और गलत दावों पर पेट्रोलियम मंत्री की दो टूक
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब भी भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाता है, तो भ्रामक जानकारी फैलाने का अभियान तेज कर दिया जाता है। उन्होंने उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि इथेनॉल के कारण वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं। पुरी ने याद दिलाया कि पहले भी ऐसी शिकायतों की गहन तकनीकी जांच की गई थी, जिसमें पाया गया कि खराबी का कारण ईंधन नहीं, बल्कि अन्य तकनीकी मुद्दे थे।
भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग: सफल रहा है अब तक का सफर
मंत्री ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि भारत में इथेनॉल मिश्रण की नीति कोई नई नहीं है। देश में अप्रैल 2023 से E15, अप्रैल 2024 से E19 और अप्रैल 2025 से E20 का सफल उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में भारत के लाखों टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर वाहन इन ईंधनों पर चल रहे हैं, और अब तक कोई बड़ी तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है। यह उपलब्धि वर्षों की कड़ी वैज्ञानिक टेस्टिंग के बाद ही हासिल हुई है।
किसान और आत्मनिर्भर भारत के खिलाफ षड्यंत्र का आरोप
हरदीप सिंह पुरी ने कड़े लहजे में कहा कि इथेनॉल का विरोध केवल एक ईंधन का विरोध नहीं है, बल्कि यह उन किसानों के हितों के खिलाफ है जिनकी आय फसल से जुड़ी है। यह उस भारत का विरोध है जो विदेशी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करके ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है, और इस नीति को किसी भी प्रकार के ‘प्रोपेगैंडा’ से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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