Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के उत्थान और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ एक मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से इस महत्वाकांक्षी योजना की 29वीं किश्त जारी की। एक बटन दबाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 66 लाख से अधिक पात्र माताओं और बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए कुल 626.25 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। इस गरिमामयी अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

29 किश्तों में 18,800 करोड़ से अधिक की आर्थिक मदद
महतारी वंदन योजना के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मार्च 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक कुल 29 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। इन किश्तों के माध्यम से अब तक कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य की महिलाओं के सम्मान और उनके आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम बन गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को हर स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है।

जमीनी स्तर पर बदल रही है महिलाओं की जीवनशैली
मुख्यमंत्री ने अपने विभिन्न जिलों के दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि जब वे माताओं और बहनों से मिलते हैं, तो वे स्वयं इस बात की गवाही देती हैं कि कैसे महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल को अपनाकर स्वरोजगार शुरू करने और अपने बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल में कर रही हैं। यह योजना न केवल उन्हें परिवार में निर्णय लेने का अधिकार दे रही है, बल्कि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना का सामाजिक प्रभाव दूरगामी है, जो प्रदेश के विकास में महिलाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बना रहा है।
‘लखपति दीदी’ और अन्य योजनाओं से बढ़ रही आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी शक्ति सशक्तिकरण’ के विजन को छत्तीसगढ़ में पूरी निष्ठा के साथ लागू किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के अलावा, राज्य सरकार ‘लखपति दीदी’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय के साधनों को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजना से जुड़ी ई-केवाईसी की प्रक्रिया में कोई कोताही न बरती जाए और इसे जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। यह निरंतर प्रयास छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के नए शिखर पर ले जाने के लिए प्रेरित कर रहा है।











