Lawrence Bishnoi Gang: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ अब वैश्विक जांच एजेंसियां पूरी तरह से आक्रामक हो गई हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा हाल ही में दाखिल की गई चार्जशीट के बाद, विदेशों में इस संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई देखने को मिल रही है। यह पहली बार है जब भारत के बाहर की सरकारें बिश्नोई गैंग के गुर्गों को न केवल गिरफ्तार कर रही हैं, बल्कि उन्हें डिपोर्ट कर कानून के दायरे में लाने के लिए ठोस कदम उठा रही हैं। इस समन्वित वैश्विक कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अब किसी भी विदेशी धरती पर भारतीय अपराधियों का छिपना और अपने काले कारनामों को अंजाम देना नामुमकिन होता जा रहा है।

फ्रांस में पकड़ा गया गैंग का ‘डॉक्टर’ गरिंदर देव
कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बेहद शातिर सदस्य गरिंदर देव को फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया है। आपराधिक दुनिया में “डॉक्टर”, “रॉकेट” और “रिट्ज कार्लटन” जैसे कोड नामों से पहचाने जाने वाला 40 वर्षीय गरिंदर देव, बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ माना जाता था। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, वह दक्षिणी कैलिफोर्निया से अमेरिका के पूर्वी हिस्सों तक भारी मात्रा में नशीले पदार्थों (कोकीन और हेरोइन) की तस्करी करने की बड़ी साजिश का मुख्य सूत्रधार था। जून 2025 में सुरक्षा एजेंसियों ने लगभग 99.2 किलोग्राम कोकीन और 1 किलोग्राम हेरोइन की विशाल खेप जब्त की थी, जिसने गरिंदर के अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क की पोल खोल दी। अब उसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए कनाडा लाया जाएगा।

कनाडा में जशनदीप सिंह पर गिरी गाज, डिपोर्ट करने का आदेश
वहीं दूसरी ओर, कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में भी सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। कनाडा के ‘इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी ट्रिब्यूनल’ ने बिश्नोई गैंग के सदस्य जशनदीप सिंह को देश से डिपोर्ट कर भारत भेजने का कड़ा आदेश जारी किया है। जशनदीप पर आरोप है कि उसने फायरिंग की घटना के बाद अवैध हथियारों को ठिकाने लगाने में गैंग की मदद की थी। जशनदीप 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था, लेकिन वहां उसने शिक्षा के बजाय अपराध की दुनिया चुन ली। हालांकि जशनदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है, लेकिन कनाडाई प्रशासन का यह फैसला गैंग के अन्य सदस्यों के लिए एक चेतावनी है। अर्शदीप सिंह के बाद, जशनदीप का डिपोर्ट होना बिश्नोई गैंग के लिए एक बड़ा झटका है।
वैश्विक तालमेल से ध्वस्त हो रहा है बिश्नोई का नेटवर्क
अमेरिका, कनाडा और फ्रांस जैसी शक्तियों का एक मंच पर आकर भारतीय गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई करना इस बात का संकेत है कि अब अपराध की सीमाएं सिमट रही हैं। अमेरिकी खुफिया तंत्र, इंटरपोल और स्थानीय पुलिस के बीच बढ़ते आपसी तालमेल ने लॉरेंस बिश्नोई के पूरे विदेशी नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट्स के खात्मे की शुरुआत भी मानी जा रही है। अब यह स्पष्ट हो चुका है कि अपराध जगत का यह साम्राज्य वैश्विक सहयोग के सामने टिकने में अक्षम है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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