UP Politics : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कुशीनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के कायाकल्प की कहानी बयां की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 525 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में विकास की गति पूरी तरह ठप थी। पिछली सरकारों के पास न तो प्रदेश को नई दिशा देने की कोई दूरदर्शी नीति थी और न ही विकास के प्रति कोई ठोस नीयत। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इसी प्रशासनिक उदासीनता के कारण उस दौर में उत्तर प्रदेश में नया निवेश आने का रास्ता बंद हो गया था। उनके अनुसार, आज की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से बाहर निकालकर विकास की मुख्यधारा में खड़ा कर दिया है।

रोजगार और पलायन: युवाओं के लिए बदले हालात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोजगार के मुद्दे पर पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि पिछली सरकारों ने पूर्वांचल के विकास पर ईमानदारी से ध्यान दिया होता, तो यहां के युवाओं को अपनी आजीविका के लिए घर-बार छोड़कर दूसरे राज्यों में दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ती। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जब वे लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस या लोक सेवा आयोग (UPPSC) के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हैं, तो कुशीनगर के युवाओं की सफलता देखकर गर्व का अनुभव होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज रोजगार के अवसर केवल नोएडा या गाजियाबाद तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि गोरखपुर और कुशीनगर जैसे जिलों में भी स्थानीय युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।

कानून का राज: गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार पर प्रहार
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान गरीबों के हक का राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अवसर पार्टी से जुड़े गुंडे हड़प लेते थे, जिससे आम आदमी का जीवन कष्टदायक हो गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान डबल इंजन सरकार में गुंडागर्दी और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पिछले नौ वर्षों के शासनकाल में प्रदेश में न तो कोई दंगा हुआ और न ही कभी कर्फ्यू लगाने की स्थिति पैदा हुई। आज उत्तर प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर युवा और महिलाएं, पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं और हर त्योहार हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे हैं।
संवेदनहीनता से कल्याणकारी राज्य तक का सफर
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए उस दौर को याद किया जब इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) के कारण पूर्वांचल में हजारों मासूमों की मौत हो जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तब लखनऊ में बैठी सरकार संवेदनहीन बनी रही और बच्चों को उपचार के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। साथ ही, मुसहर समुदाय की बदहाली और भुखमरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज स्थिति बिल्कुल उलट है। सरकार ने न केवल इस महामारी को जड़ से समाप्त किया है, बल्कि मुसहर समुदाय को पक्के आवास, जमीन के पट्टे, मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला गैस और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं से लैस कर उनका भविष्य सुरक्षित किया है। यह बदलाव उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का प्रमाण है।
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