US Iran Conflict : होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का केंद्र बन गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को अनिश्चित काल के लिए बंद करने की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इस घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर, अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हवाई हमले कर दिए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास और सिरिक शहरों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। अमेरिका ने इन हमलों को एक जवाबी कार्रवाई बताया है, जो ईरान द्वारा साइप्रस के झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘M/V GFS Galaxy’ पर किए गए हमले के बाद शुरू की गई है। इस घटना ने पहले से ही नाजुक स्थिति में चल रहे सीजफायर समझौते पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है।

हमले की पृष्ठभूमि: व्यावसायिक जहाजों पर ईरान की कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह सैन्य अभियान ईरान की उन क्षमताओं को नष्ट करने के लिए किया जा रहा है, जिनका उपयोग वह निर्दोष नाविकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए करता है। ‘M/V GFS Galaxy’ पर हुए हमले में एक नागरिक चालक दल का सदस्य लापता हो गया है और जहाज का इंजन रूम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि ईरान को बार-बार ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का पालन करने का अवसर दिया गया था, लेकिन तेहरान ने हर बार अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन किया। पेंटागन के अनुसार, ये हमले राष्ट्रपति के सीधे निर्देश पर किए जा रहे हैं ताकि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पीट हेगसेथ की चेतावनी और ईरान का रुख
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “ईरान ने एक बड़ी गलती की है और अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।” ईरान ने भी पीछे न हटते हुए धमकी दी है कि यदि उन पर और अधिक हमले किए गए, तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और सहयोगी देशों के अन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे। होर्मुज जलमार्ग को लेकर हो रही कूटनीतिक वार्ताओं के बीच सैन्य टकराव का यह दौर शांति प्रयासों को झटका देने वाला है। ईरान का दावा है कि उनके द्वारा की गई कार्रवाई केवल उन जहाजों के खिलाफ है जो उनके द्वारा निर्धारित समुद्री गलियारे (मंजूरशुदा रास्ते) के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे।
कूटनीतिक गतिरोध और भविष्य की अनिश्चितताएं
हालिया घटनाक्रम से वाशिंगटन के उन दावों पर भी असर पड़ा है, जिनमें कहा गया था कि युद्ध समाप्त करने के लिए पिछले महीने हुए समझौते को तब तक आगे नहीं बढ़ाया जा सकता जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए। अमेरिका चाहता है कि ईरान इस मसले पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करे और भविष्य में किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई से बचे। इसके विपरीत, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी जारी की है कि वे किसी भी ‘भटकने वाले’ जहाज को रोकने या उन पर चेतावनी वाली गोलीबारी करने से नहीं हिचकिचाएंगे। इस बढ़ते टकराव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्ग की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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