Mungeli News: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक बार फिर प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है, जहाँ काम के प्रति उदासीनता दिखाना पंचायत सचिव को भारी पड़ गया। मामला पथरिया विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ‘सिलदहा’ का है। यहाँ सीसी रोड के निर्माण और जल निकासी (ड्रेनेज) की लचर व्यवस्था के चलते स्थानीय निवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। लंबे समय से चल रही इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों ने अंततः मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम पंचायत सिलदहा के सचिव भूपत राजपूत को निलंबित कर दिया गया है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
ग्रामीणों, विशेषकर मनोज वर्मा और अजय राजपूत ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि गाँव में सीसी रोड के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश के दिनों में मुख्य रास्तों पर पानी भर जाता है, जिससे ग्रामीणों, बच्चों और बुजुर्गों का आवागमन दुर्भर हो गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को तत्काल जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए थे।

जाँच में पुष्टि और उच्च अधिकारियों की अवहेलना
जाँच दल जब सिलदहा पहुँचा, तो ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने के बाद भी पंचायत सचिव ने इसे पूरा कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इतना ही नहीं, जब इस संबंध में उच्च अधिकारियों द्वारा दिशा-निर्देश दिए गए, तो सचिव ने उन आदेशों की भी लगातार अवहेलना की। इसके बाद पंचायत सचिव भूपत राजपूत को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया।
निलंबन के बाद अतिरिक्त प्रभार और विभागीय कार्रवाई
नवनियुक्त जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने जाँच रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सचिव भूपत राजपूत के कृत्य को ‘छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999’ के प्रावधानों के पूर्णतः विपरीत पाया। इस गंभीर अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही के चलते सचिव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत पथरिया निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। प्रशासन की ओर से सुचारू रूप से कार्य संचालन हेतु ग्राम पंचायत बेलखुरी के पंचायत सचिव खांडेराम जांगड़े को सिलदहा पंचायत का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। इस कार्रवाई ने जिले भर के अन्य पंचायत सचिवों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का कड़ा संदेश दिया है।
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