Ambikapur Accident : अंबिकापुर के व्यस्त गांधी चौक के पास गुरुवार दोपहर एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। दोपहर करीब 3 बजे एक महिला अपने रिश्तेदार के साथ बाइक पर सवार होकर गांधी चौक से गुजर रही थी। उसी समय, ट्रक क्रमांक CG 15 AC 1097 का चालक महात्मा गांधी प्रतिमा के पास से वाहन को मोड़कर रिंग रोड की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवारों ने ट्रक के बाईं ओर से आगे निकलने की कोशिश की, तभी अचानक बाइक एक गहरे गड्ढे में जाने से अनियंत्रित होकर गिर गई। महिला सीधे ट्रक के अगले पहिए की चपेट में आ गई, जिससे उसका दाहिना हाथ पहिए के नीचे दबकर शरीर से पूरी तरह अलग हो गया।

ड्राइवर की सूझ-बूझ से बची जान, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
हादसे के वक्त ट्रक के नीचे महिला को आता देख आसपास मौजूद लोग चीख पड़े। बाइक चालक की आवाज सुनकर ट्रक ड्राइवर ने तत्परता दिखाते हुए फौरन ब्रेक लगा दिए, जिससे महिला की जान बाल-बाल बच गई। यदि ड्राइवर ने जरा भी देरी की होती, तो परिणाम और भी भयावह हो सकते थे। ट्रक रुकने के बाद वहां मौजूद लोगों और ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक जवानों की मदद से ट्रक को धीरे-धीरे पीछे हटाया गया। महिला का सीने का हिस्सा भी ट्रक के पहिए के नीचे आने से बुरी तरह दब गया था। आनन-फानन में उसे गंभीर अवस्था में पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है।

प्रशासनिक लापरवाही: सड़क का खतरनाक गड्ढा बना दुर्घटना का कारण
हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना मुख्य रूप से सड़क किनारे बने एक खतरनाक गड्ढे के कारण हुई है। बारिश के मौसम में यह गड्ढा और भी अधिक घातक हो गया है, जहाँ से गुजरने वाले दोपहिया वाहन अक्सर अपना संतुलन खो देते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस ओर पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है, जबकि इस मार्ग पर भारी वाहनों का निरंतर दबाव रहता है। गड्ढे की समय पर मरम्मत न होने से यहाँ हमेशा अनहोनी का खतरा बना रहता है, जिसकी भारी कीमत आज इस महिला को अपना हाथ खोकर चुकानी पड़ी।
सुरक्षा के प्रति उदासीनता पर उठ रहे सवाल
अंबिकापुर शहर के हृदय स्थल गांधी चौक के समीप ऐसी घटना का होना शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़ा करता है। ट्रैफिक जवानों की उपस्थिति के बावजूद, खतरनाक गड्ढों और भारी वाहनों के आवागमन को लेकर कोई ठोस सुरक्षा योजना न होना चिंताजनक है। नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरवाया और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं रखा, तो आने वाले समय में ऐसी दुखद घटनाएं फिर से दोहराई जा सकती हैं। फिलहाल, अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही महिला के लिए पूरा शहर प्रार्थना कर रहा है, जबकि जिम्मेदारी तय करने और सड़क सुधार की मांग ने जोर पकड़ लिया है।
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