Pele Jersey Auction : फुटबॉल के महान जादूगर पेले से जुड़ी एक बेहद खास और ऐतिहासिक यादगार वस्तु हाल ही में नीलामी में बिकी है। 1958 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में 17 वर्षीय पेले द्वारा पहनी गई प्रसिद्ध ‘नंबर 10’ जर्सी को 4.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 47 करोड़ 23 लाख रुपये) में नीलाम किया गया है। यह जर्सी उस समय की गवाह है जब पेले ने स्टॉकहोम में स्वीडन के खिलाफ अपना पहला वर्ल्ड कप फाइनल खेला था और दो गोल करके ब्राजील को 5-2 से यादगार जीत दिलाई थी। सोथबीज़ द्वारा आयोजित इस नीलामी में इसे लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां पांच से अधिक बोली लगाने वालों ने कुल 10 बोलियां लगाईं।

फुटबॉल की सबसे महंगी यादगार वस्तुओं में शामिल
इस बिक्री के साथ ही पेले की यह ऐतिहासिक शर्ट अब तक नीलाम हुई दूसरी सबसे महंगी फुटबॉल जर्सी बन गई है। फुटबॉल जगत की सबसे महंगी जर्सी का रिकॉर्ड महान डिएगो माराडोना के नाम दर्ज है। 2022 में, माराडोना की वह अर्जेंटीना जर्सी, जिसे उन्होंने 1986 के वर्ल्ड कप क्वार्टर-फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पहनकर मशहूर ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल किया था, 9.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुई थी। पेले की जर्सी का 2004 में भी नीलामी में आना चर्चा में रहा था, तब यह महज 70,505 ब्रिटिश पाउंड में बिकी थी, जो इसके ऐतिहासिक महत्व और समय के साथ बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

पेले: तीन वर्ल्ड कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी
फुटबॉल के इतिहास में पेले का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। पेले दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने करियर में तीन बार (1958, 1962 और 1970) फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। 1958 के उस ऐतिहासिक फाइनल में दो गोल दागने के साथ ही वे वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बने, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। 1958 के टूर्नामेंट में उन्होंने कुल छह गोल किए थे, जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
खेल जगत के एक युग का गौरवशाली अंत
पेले के फुटबॉल करियर का सफर केवल 1958 तक सीमित नहीं था। 1962 के वर्ल्ड कप में भी ब्राजील ने अपना दबदबा कायम रखा और खिताब जीता। इसके बाद 1970 के फाइनल में इटली के खिलाफ 4-1 की जीत में पेले ने न केवल पहला गोल किया, बल्कि टूर्नामेंट में कुल चार गोल दागकर अपनी महानता सिद्ध की। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद 82 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें और उनसे जुड़ी वस्तुएं आज भी फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं हैं। यह जर्सी न केवल पेले की विरासत है, बल्कि फुटबॉल के उस सुनहरे दौर का एक ऐसा प्रतीक है जो पीढ़ियों तक प्रशंसकों को प्रेरित करता रहेगा।
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