US Iran War: पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक और तनावपूर्ण हो गए हैं। दोनों देशों के बीच हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के पूरी तरह विफल और ध्वस्त हो जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शत्रुता अपने चरम पर पहुंच गई है। तनाव के इस बढ़ते माहौल में गुरुवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का एक बेहद आक्रामक और नया दौर शुरू किया। यह लगातार छठी रात है, जब अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के भीतर स्थित सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में युद्ध के खतरे को और अधिक गहरा कर दिया है।

CENTCOM का दावा: ईरान की सैन्य शक्ति को कम करना लक्ष्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से जानकारी देते हुए CENTCOM ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी बलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर करना है। वाशिंगटन का मानना है कि तेहरान लगातार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (हॉर्मोज़ जलडमरूमध्य) से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है, जिसे रोकना अब बेहद आवश्यक हो गया है। इससे पहले बुधवार रात को संपन्न हुए अभियान में अमेरिकी सेना ने सटीक-निर्देशित हथियारों के जरिए ईरान के कमांड सेंटरों, वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइल ठिकानों और तटीय निगरानी केंद्रों को भारी नुकसान पहुँचाया था।

ईरान में भीषण धमाकों से दहला इलाका, कई लोगों की मौत
दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) ने अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिणी ईरान में हुए कई भीषण विस्फोटों की पुष्टि की है। प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पश्चिमी हिस्सों में सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी हमलों ने विशेष रूप से बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिसमें बंदर अब्बास को शिराज से जोड़ने वाला प्रमुख ‘बंदर अब्बास–कहूरेस्तान–लार’ पुल भी शामिल है। इस पुल पर बमबारी के दौरान वहां से गुजर रहा एक ईंधन टैंकर भी चपेट में आ गया, जिससे भारी तबाही हुई। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना है।
अस्पतालों में हाई अलर्ट और घायलों का उपचार
हॉर्मोजगान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुताबिक, हमले में शहर का ‘तपे अल्लाह अकबर’ नामक रिहायशी इलाका भी प्रभावित हुआ है, जिसमें कम से कम 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए सभी स्थानीय अस्पतालों और रेस्क्यू टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बुशहर प्रांत के गवर्नर ने भी अपने क्षेत्र में दो बड़े धमाकों की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी आक्रामकता का एक हिस्सा बताया है। इसके अतिरिक्त, केशम द्वीप के मसान गांव के पास भी आठ भीषण विस्फोटों की आवाजें दर्ज की गई हैं। यह सैन्य संघर्ष अब केवल ठिकानों तक सीमित न रहकर आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे के लिए भी एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है।
Read More : Nitish Kaushal Arrest : FBI ने गैंगस्टर नीतीश कौशल उर्फ ‘लाला’ को किया गिरफ्तार, आखिर क्यों था मोस्ट वांटेड?












