CJP Parliament March: राजधानी दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन तक ‘चलो संसद’ मार्च निकालने का कार्यक्रम तय किया गया है। निर्धारित योजना के अनुसार यह मार्च सुबह 9 बजे से शुरू होना था, जिसके लिए जंतर-मंतर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों का जुटना शुरू हो गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं दिए जाने की बात स्पष्ट की है।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जंतर-मंतर के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और दिल्ली पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। दूसरी ओर, पिछले 22 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के समक्ष कुल तीन मुख्य शर्तें रखी हैं।

23वें दिन भूख हड़ताल खत्म करेंगे एइसा (AISA) के तीन छात्र
अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) से जुड़े तीन छात्र आज अपनी 23 दिनों लंबी भूख हड़ताल को समाप्त करने जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयुक्त विपक्षी सांसदों, देश के प्रतिष्ठित सिविल सोसाइटी के सदस्यों और जाने-माने शिक्षाविदों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इन अनशनकारी छात्रों से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से यह अपील की कि वे अपनी भूख हड़ताल का तरीका बदलकर संघर्ष के अन्य रास्तों को अपनाएं और उन्हें यह पक्का भरोसा दिया कि वे संसद के भीतर सत्र के दौरान और सड़कों पर भी उनके इस संघर्ष में पूरी ताकत से हिस्सा लेंगे। छात्रों से मुलाकात करने वाले प्रमुख प्रतिनिधियों में मनोज झा, प्रकाश राज, शबाना आज़मी, प्रशांत भूषण, अमरा राम, राजा राम और योगेंद्र यादव शामिल रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन का एग्जिट बंद
दिल्ली पुलिस के उच्च सूत्रों के मुताबिक, किसी भी मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी और प्रदर्शनकारियों की अधिकतम सीमा केरल भवन तक ही निर्धारित की गई है। इस तय सीमा से आगे किसी भी व्यक्ति या समूह को जाने की इजाजत नहीं होगी। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने एहतियातन जंतर-मंतर के बेहद करीब स्थित पटेल चौक मेट्रो स्टेशन का एग्जिट (बाहर निकलने का गेट) पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिससे यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इलाके में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।
भारी पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती से इलाका छावनी में बदला
कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रस्तावित संसद मार्च को रोकने और नियंत्रित करने के लिए जंतर-मंतर के आसपास पुलिस बलों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी भारी तैनाती की गई है। मौके से सामने आए शुरुआती वीडियो और दृश्यों से सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और भारी तैनाती का अंदाजा साफ तौर पर लगाया जा सकता है। पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो सके।
संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके का बड़ा दावा
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने इस संसद मार्च को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च साबित होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों से देश के अंदर लोकतंत्र को समाप्त करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर बैठकर लोगों ने इस लोकतंत्र को एक बार फिर से जीवंत कर दिया है।
उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से लोग समर्थन में पहुंच रहे हैं। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहा करते थे कि भारत में कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा और यह सब केवल सोशल मीडिया का एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। लेकिन आज आप जंतर-मंतर की तरफ जाने वाली चारों सड़कों को देख लीजिए, वे पूरी तरह से जनसमूह से भरी हुई हैं। हमें संसद तक जाने से अब कोई भी ताकत नहीं रोक सकती।”












