Tripura DGP : अगरतला से एक महत्वपूर्ण और दुखद प्रशासनिक अपडेट सामने आ रहा है। त्रिपुरा सरकार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ के असामयिक और अचानक निधन के बाद एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आर्म्ड पुलिस) के पद पर कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी जीएस राव को तुरंत प्रभाव से इन-चार्ज डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस यानी पुलिस फोर्स के प्रमुख के रूप में नियुक्त कर दिया है। सामान्य प्रशासन (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, जीएस राव अगले आदेश तक त्रिपुरा के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।

त्रिपुरा कैबिनेट ने जताया गहरा शोक, एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा
इस बीच, त्रिपुरा राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ के असमय निधन पर अत्यधिक गहरा दुख व्यक्त किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सम्मान और उनकी अद्वितीय सेवाओं को याद करते हुए मंगलवार को पूरे त्रिपुरा राज्य में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे और सभी आधिकारिक कार्यक्रम स्थगित या सादगी से संपन्न किए जाएंगे। राज्य शासन ने इस क्षति को पुलिस विभाग और पूरे राज्य के लिए अपूरणीय करार दिया है।

कैबिनेट बैठक में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन रखा गया
दिवंगत डीजीपी के सम्मान में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक के दौरान, सभी मंत्रियों और सदस्यों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कैबिनेट सदस्यों ने अनुराग धनखड़ को एक अत्यंत समर्पित, कुशल, पूरी तरह ईमानदार और दूरदर्शी पुलिस अधिकारी के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य और देश के प्रति उनकी अनुकरणीय पुलिस सेवा आने वाली पीढ़ियों और पुलिस बल के अन्य जवानों के लिए हमेशा एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
कौन थे अनुराग धनखड़? एक शानदार आईपीएस अधिकारी का प्रेरणादायक सफर
त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के प्रतिष्ठित अधिकारी अनुराग धनखड़ ने वर्ष 1995 में त्रिपुरा राज्य में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अपने तीन दशकों के लंबे और शानदार करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर पूरी निष्ठा के साथ काम किया। एक सब-डिविजनल पुलिस ऑफ़िसर (SDPO) के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने से लेकर राज्य के सर्वोच्च पुलिस पद यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस तक के इस चुनौतीपूर्ण सफर में उन्होंने अपनी पेशेवर कार्यक्षमता, बेहतरीन नेतृत्व कौशल और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए व्यापक रूप से सम्मान और प्रसिद्धि हासिल की।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रहा उत्कृष्ट योगदान और सराहनीय सम्मान
राज्य मंत्रिमंडल ने उनके स्थानीय कार्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिए गए उनके महत्वपूर्ण योगदानों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। अपने असाधारण करियर के दौरान, अनुराग धनखड़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र (UN) मिशन में सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा, उन्होंने देश की कई प्रमुख जांच और सुरक्षा एजेंसियों जैसे कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPR&D) तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भी अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाला था।
पुलिस पदक और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किए गए थे धनखड़
अपनी उत्कृष्ट, निष्कलंक और सराहनीय सेवाओं के बलबूते पर अनुराग धनखड़ को देश के कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। उनकी असाधारण कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें उनकी सराहनीय सेवा के लिए ‘पुलिस पदक’ और देश के सर्वोच्च पुलिस सम्मानों में गिने जाने वाले विशिष्ट सेवा के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से सम्मानित किया गया था। उनका यूं अचानक चले जाना न केवल त्रिपुरा पुलिस बल के लिए, बल्कि पूरे देश के प्रशासनिक ढांचे के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई करना बेहद कठिन होगा।
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