Ghaziabad Train Accident: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। गाजियाबाद-नई दिल्ली रेल रूट पर मंगलवार के दिन एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब सामान से पूरी तरह लदी हुई एक मालगाड़ी अचानक दुर्घटना का शिकार होकर डिरेल हो गई। रेलवे से प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना के दौरान मालगाड़ी के कुल छह डिब्बे (वैगन) अचानक पटरी से उतर गए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या किसी व्यक्ति के हताहत होने अथवा घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है।

मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतरे, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतरने के बाद इस व्यस्त रेल मार्ग पर हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक (DRM), अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) समेत रेलवे के तमाम बड़े और जिम्मेदार अधिकारी तुरंत अपनी तकनीकी टीमों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद रेलवे की राहत और बचाव टीमों द्वारा युद्धस्तर पर ट्रैक की मरम्मत और उसकी बहाली (Restoration) का काम तेजी से शुरू कर दिया गया, जो लगातार जारी है।

रेल आवाजाही पर पड़ा भारी असर, कुल 53 ट्रेनें प्रभावित हुईं
इस दुर्घटना के कारण गाजियाबाद-नई दिल्ली रेल रूट पर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अप्रत्याशित हादसे की वजह से इस मुख्य रूट की कुल 53 ट्रेनों का परिचालन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए और ट्रैक पर मरम्मत कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपनी संबंधित ट्रेन की अद्यतन स्थिति (Status) जरूर जांच लें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
16 ट्रेनें रद्द और 24 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए
यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई कड़े निर्णय लिए हैं। इस हादसे के चलते कुल 16 पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, यातायात को लगातार सुचारू रखने के लिए 24 महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट में बदलाव करते हुए उन्हें वैकल्पिक मार्गों यानी दिल्ली-नई दिल्ली रूट से संचालित किया जा रहा है। साथ ही, 5 पैसेंजर ट्रेनों को उनके तय गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है, जबकि 8 अन्य ट्रेनों के समय और संचालन को नियंत्रित (Regulate) किया गया है।
आनंद विहार जाने वाली कई ट्रेनों का संचालन भी हुआ प्रभावित
इस रेल हादसे का दायरा केवल मुख्य मार्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर अन्य मंडलों पर भी देखने को मिला। मुरादाबाद मंडल और उत्तर रेलवे (NCR) रूट के अंतर्गत आनंद विहार टर्मिनल की ओर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन भी इस दुर्घटना के कारण भारी रूप से प्रभावित हुआ है। रेलवे स्टेशनों पर फंसे यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है। ट्रेनें रद्द होने और उनके रूट बदले जाने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्टेशन परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
ट्रैक बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी, हादसे की जांच शुरू
फिलहाल रेलवे की इंजीनियरिंग, तकनीकी और ऑपरेशनल टीमें घटनास्थल पर दिन-रात जुटी हुई हैं ताकि क्षतिग्रस्त ट्रैक को जल्द से जल्द पूरी तरह से दुरुस्त किया जा सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेल परिचालन को पूरी तरह सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है और जल्द ही इस रूट पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, इस मालगाड़ी के डिरेल होने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे ने एक उच्चस्तरीय तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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