Trump on Iran: मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पहले से भी बड़े सैन्य अभियान की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक ऐसे व्यापक हमले पर विचार कर रहा है, जो पहले किए गए सैन्य अभियानों से भी अधिक प्रभावशाली हो सकता है। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना था कि सभी विकल्प खुले हैं और अमेरिका अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह तैयार है। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इज़राइल की भूमिका पर भी दिया बड़ा बयान
इज़राइल के चैनल 12 को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इज़राइल बेहद कम समय में इस अभियान का हिस्सा बन सकता है। उन्होंने दावा किया कि इज़राइल कुछ ही मिनटों में कार्रवाई के लिए तैयार हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि अमेरिका चाहे तो वह किसी सहयोगी देश की मदद के बिना भी सैन्य अभियान चलाने में सक्षम है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की क्षमता रखता है।

ट्रंप का दावा, बातचीत चाहता है ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत की इच्छा रखता है, लेकिन अभी तक उस पर इतना दबाव नहीं बना है कि वह पूरी तरह समझौते के लिए तैयार हो जाए। ट्रंप के अनुसार, ईरान पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले समय में इसका असर दिखाई दे सकता है। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रेड सी में हूती विद्रोहियों ने बढ़ाया तनाव
इधर, लाल सागर (रेड सी) में भी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाकर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इन टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया, जिससे दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। इस घटना ने वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
तेल बाजार पर दिखा युद्ध का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान-अमेरिका तनाव और रेड सी में हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल भी लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अमेरिका के लगातार हमले, ईरान का जवाबी एक्शन
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में नौसैनिक अड्डों, मिसाइल और ड्रोन भंडारों, तटीय निगरानी चौकियों तथा एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने जॉर्डन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का दावा किया। ईरान का कहना है कि उसने कुवैत में गोला-बारूद डिपो, लॉजिस्टिक केंद्र, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और MQ-9 ड्रोन सुविधाओं को निशाना बनाया। साथ ही जॉर्डन में अमेरिकी THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष बना वैश्विक चिंता का विषय
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिमी एशिया को अस्थिर बना दिया है। एक ओर अमेरिका अपने अभियान को जारी रखे हुए है, तो दूसरी ओर ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इसके बावजूद ट्रंप का कहना है कि अंततः ईरान को बातचीत की मेज पर आना पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा या आने वाले दिनों में यह संघर्ष और व्यापक रूप लेगा। वर्तमान परिस्थितियां न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।











