Mitchell Santner: न्यूज़ीलैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान मिशेल सैंटनर ने अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को प्राथमिकता देते हुए बिग बैश लीग (BBL) का कॉन्ट्रैक्ट ठुकरा दिया है। एडिलेड स्ट्राइकर्स ने 34 वर्षीय ऑलराउंडर से संपर्क किया था, लेकिन आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए सैंटनर ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। उनका मानना है कि इस समय राष्ट्रीय टीम के साथ बने रहना उनके करियर के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।
भारत के खिलाफ सीरीज को लेकर सैंटनर बेहद उत्साहित
सैंटनर ने कहा कि आने वाली गर्मियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीरीज से बड़ा उनके लिए फिलहाल कुछ नहीं हो सकता। न्यूज़ीलैंड को भारत के खिलाफ व्हाइट-बॉल मुकाबलों के साथ टेस्ट क्रिकेट भी खेलना है। इसके बाद टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी, जहां उसे चार टेस्ट मैचों की चुनौती का सामना करना है। ऐसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम के साथ रहना सैंटनर की प्राथमिकता है।
एडिलेड स्ट्राइकर्स का ऑफर था आकर्षक
न्यूज़ीलैंड के इस अनुभवी खिलाड़ी ने माना कि एडिलेड स्ट्राइकर्स की तरफ से मिला प्रस्ताव अच्छा था और उन्होंने उस पर गंभीरता से विचार भी किया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और आने वाले महत्वपूर्ण मैचों को देखते हुए उन्होंने BBL से दूरी बनाने का फैसला किया। सैंटनर के मुताबिक, भले ही उन्हें हर टेस्ट मैच में खेलने का अवसर न मिले, लेकिन टीम में उनकी भूमिका बनी रह सकती है।
भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे की बड़ी चुनौती
न्यूज़ीलैंड की टीम 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक भारत के दौरे पर रहेगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच पूरी सीरीज खेली जाएगी, जिसमें दो टेस्ट मुकाबले भी शामिल हैं। भारत दौरे के बाद न्यूज़ीलैंड सीधे ऑस्ट्रेलिया का रुख करेगा। वहां चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। लगातार होने वाले इन मुकाबलों के कारण सैंटनर के लिए राष्ट्रीय टीम के साथ उपलब्ध रहना महत्वपूर्ण हो गया है।
कप्तानी छोड़ने के मूड में नहीं सैंटनर
सैंटनर अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को लेकर भी स्पष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह न्यूज़ीलैंड की कप्तानी छोड़ना नहीं चाहते। उनका मानना है कि करियर के इस चरण में बिना सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के कप्तानी की जिम्मेदारी संभालना आसान नहीं होगा। अगर BBL का करार उनकी नेतृत्व भूमिका से जुड़ा होता, तो फैसला अलग हो सकता था, लेकिन फिलहाल उनका झुकाव राष्ट्रीय टीम की ओर है।
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और सुपर स्मैश की शर्त
न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों के लिए जनवरी में होने वाले सुपर स्मैश टूर्नामेंट में उपलब्ध रहना जरूरी होता है। इस समय सुपर स्मैश की तारीखें BBL और दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग के साथ टकराती हैं। यही वजह है कि कई न्यूज़ीलैंड खिलाड़ियों ने कैज़ुअल कॉन्ट्रैक्ट का विकल्प चुना है, जिससे उन्हें विदेशी फ्रेंचाइज़ी लीग में खेलने की अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
विदेशी लीग में पैसे का अंतर बड़ा कारण
सैंटनर ने कैज़ुअल कॉन्ट्रैक्ट चुनने वाले खिलाड़ियों के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने माना कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और विदेशी फ्रेंचाइज़ी लीग में कमाई का अंतर काफी बड़ा है। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए BBL या SA20 जैसी लीगों में खेलने का अवसर आकर्षक होना स्वाभाविक है। सैंटनर ने स्पष्ट किया कि वह इस विकल्प को अपनाने वाले खिलाड़ियों के निर्णय को गलत नहीं मानते।
राष्ट्रीय टीम से जुड़े रहना चाहते हैं सैंटनर
सैंटनर ने कहा कि न्यूज़ीलैंड क्रिकेट विदेशी फ्रेंचाइज़ी लीग से मिलने वाले पैसों की बराबरी नहीं कर सकता, लेकिन इसके बावजूद वह राष्ट्रीय टीम के भविष्य का हिस्सा बने रहना चाहते हैं। उनके लिए देश का प्रतिनिधित्व और नेतृत्व की जिम्मेदारी अभी भी महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि उन्होंने आकर्षक BBL ऑफर के बजाय भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को प्राथमिकता दी है।
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