Uttar Pradesh Crime : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के कोटा शहर में रहकर मेडिकल परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक 20 वर्षीय युवती के साथ देवांगना घाटी के सुनसान जंगलों में तीन अज्ञात युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। इस वीभत्स घटना ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

मध्य प्रदेश की रहने वाली है पीड़िता, घूमने आई थी चित्रकूट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा मूल रूप से पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली है। बुधवार के दिन वह अपने गृहक्षेत्र के पास स्थित धार्मिक और पर्यटन नगरी चित्रकूट घूमने के उद्देश्य से आई हुई थी। दोपहर के लगभग 1 बजे वह अपने 17 वर्षीय नाबालिग प्रेमी के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध देवांगना घाटी की पहाड़ी पर बैठी हुई थी। इस दौरान दोनों सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बना रहे थे, तभी यह बड़ी अनहोनी घटित हो गई।

वन विभाग के कर्मचारी बनकर पहुंचे थे दरिंदे
दोपहर करीब 3 बजे के आसपास अचानक तीन अज्ञात युवक उस सुनसान पहाड़ी पर पहुंच गए। खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर उन युवकों ने दोनों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। जब नाबालिग प्रेमी ने उनकी इस संदिग्ध हरकत का कड़ा विरोध किया, तो आक्रोशित आरोपियों ने उसकी बेरहमी से बेल्ट से पिटाई कर डाली। इसके बाद क्रूरता की हदें पार करते हुए उसके हाथ और पैर गमछे से कसकर बांध दिए और उसे एक तरफ झाड़ियों में पटक दिया।
झाड़ियों में खींचकर दिया गया सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम
प्रेमी को बंधक बनाने के बाद तीनों आरोपी डरी-सहमी छात्रा को बलपूर्वक घसीटते हुए पास ही की घनी झाड़ियों में ले गए। वहां आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और अपनी इस काली करतूत को अंजाम दिया। वारदात को बेरहमी से पूरा करने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। किसी तरह अपनी जान बचाकर और संघर्ष करते हुए प्रेमी ने अपने हाथ-पैर खोले और झाड़ियों में बदहवास हालत में पड़ी पीड़िता की मदद के लिए आगे आया।
मोबाइल नेटवर्क न होने पर नीचे उतरकर दी पुलिस को सूचना
पहाड़ी इलाका होने और नेटवर्क की भारी समस्या के कारण उस स्थान पर मोबाइल काम नहीं कर रहा था। ऐसी स्थिति में घबराया हुआ प्रेमी किसी तरह पहाड़ी से नीचे मुख्य मार्ग की तरफ उतरा और तुरंत डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी। शाम लगभग 4:45 बजे पुलिस दल मौके पर पहुंचा और दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी टीम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जबकि उसके नाबालिग प्रेमी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। छात्रा द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान पुलिस को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में तीन संदिग्ध युवक बाइक पर सवार होकर जाते हुए दिखाई दिए हैं। संदेह के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने दी मामले की विस्तृत जानकारी
चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा ने अपने बयान में सामूहिक दुष्कर्म की बात स्पष्ट रूप से कही है। चूंकि उसका बॉयफ्रेंड नाबालिग है, इसलिए नियमानुसार उसका भी मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। प्राप्त शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस सनसनीखेज मामले की तह तक पहुंचने और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो विशेष टीमों का गठन किया गया है जो तकनीकी और जमीनी स्तर पर तेजी से काम कर रही हैं।
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