Moradabad Murder Case: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र से लापता हुई 23 वर्षीय अदीला रहमान के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने युवती के कथित अपहरण और हत्या के आरोप में हिस्ट्रीशीटर कुर्बान अली और उसके भाई गुलफाम अली के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या के बाद शव को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र की एक नहर में फेंक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तकनीकी, डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। वहीं, मुख्य आरोपी बताए जा रहे गुलफाम अली से भी पूछताछ की गई है, जो फिलहाल एक अन्य आपराधिक मामले में रामपुर जिला जेल में बंद है।

एसयूवी में हत्या किए जाने का पुलिस को संदेह
मीडिया रिपोर्टों और पुलिस जांच के अनुसार, अदीला रहमान की कथित तौर पर उसके पति गुलफाम अली ने एसयूवी वाहन के भीतर गोली मारकर हत्या की। इसके बाद शव को उत्तराखंड के मंगलौर क्षेत्र स्थित नहर में फेंक दिए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस के अनुसार, अदीला 25 जून से लापता थी। परिवार को पहले बताया गया था कि वह एलएलबी परीक्षा से जुड़े कार्य के लिए हैदराबाद गई है, लेकिन बाद में उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद मामला गुमशुदगी से बढ़कर गंभीर आपराधिक जांच में बदल गया।

नहर से मिला अज्ञात शव, बाद में हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र की एक नहर से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। उस समय पहचान नहीं होने के कारण नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि वह शव अदीला रहमान का था। इसके बाद मुरादाबाद पुलिस ने मामले की जांच को तेज करते हुए विभिन्न राज्यों में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पति और देवर के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
नगर पुलिस अधीक्षक कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत और प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर गुलफाम अली और उसके भाई कुर्बान अली के खिलाफ अपहरण और हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं और घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी है।
प्रेम विवाह के बाद रिश्तों में आई खटास की जांच
पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदीला और गुलफाम ने कथित तौर पर राजस्थान के अजमेर में घर से भागकर विवाह किया था। इसके बाद दोनों नोएडा में रहने लगे थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि समय के साथ दोनों के वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ने लगा। पुलिस के अनुसार, पारिवारिक विवाद और रिश्तों में बढ़ती दूरी भी जांच का हिस्सा है। परिवार को इस संबंध की जानकारी मिलने के बाद 18 जुलाई को अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
29 जून की घटना पर केंद्रित है जांच
जांच अधिकारियों को संदेह है कि 29 जून को दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, अदीला दिल्ली से टैक्सी के जरिए मुरादाबाद लौट रही थी, तभी जोया क्षेत्र के पास उसे कथित रूप से गुलफाम ने अपनी एसयूवी में बैठा लिया। इसके बाद पुराने टोल प्लाजा के आसपास दोनों के बीच फिर विवाद हुआ और वहीं हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद शव को उत्तराखंड ले जाकर नहर में फेंक दिया गया।
जेल में आरोपी से पूछताछ, कथित बयान दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुलफाम अली वर्तमान में वर्ष 2025 के एक हत्या के प्रयास के मामले में रामपुर जिला कारागार में बंद है। जांच टीम ने जेल पहुंचकर उससे पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य बताए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी। फिलहाल हत्या में प्रयुक्त हथियार और कथित एसयूवी वाहन की तलाश जारी है।
डिजिटल साक्ष्यों और वाहन की हो रही जांच
जांच एजेंसियां अब इस मामले में डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर विशेष ध्यान दे रही हैं। पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने में एक थार वाहन का इस्तेमाल किया गया था। वाहन की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तार से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई जा रही है ताकि प्रत्येक तथ्य की पुष्टि की जा सके।
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
अदीला रहमान हत्याकांड ने मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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