BJP Mega Plan : भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने विभिन्न मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक वर्गों और संगठनात्मक समूहों के बीच पार्टी की पहुंच को और मजबूत करना है। नई जिम्मेदारियों के जरिए भाजपा आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की तैयारी में है।
महिला और युवा मोर्चे की जिम्मेदारी तय
भाजपा की नई व्यवस्था में महिला मोर्चा की जिम्मेदारी डी. पुरंदेश्वरी को सौंपी गई है। वहीं युवा मोर्चे का प्रभार हरीश द्विवेदी को दिया गया है। पार्टी संगठन में दोनों मोर्चों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। महिला और युवा वर्ग के बीच पार्टी की गतिविधियों को विस्तार देने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में इन दोनों नेताओं की जिम्मेदारी अहम होगी।
ओबीसी और एससी मोर्चे के प्रभारी घोषित
पार्टी ने ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी वैजयंत पांडा को दी है, जबकि एससी मोर्चे का प्रभार संजय भाटिया संभालेंगे। भाजपा लंबे समय से सामाजिक समीकरणों और विभिन्न वर्गों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने पर जोर देती रही है। ऐसे में इन दोनों मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति को संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एसटी और किसान मोर्चे का भी हुआ ऐलान
एसटी मोर्चे की जिम्मेदारी सतीश पूनिया को सौंपी गई है। वहीं किसान मोर्चे का प्रभारी लाल सिंह आर्या को बनाया गया है। आदिवासी और किसान वर्ग भाजपा के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक आधार माने जाते हैं। ऐसे में पार्टी इन मोर्चों के जरिए जमीनी स्तर पर संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की कोशिश करेगी।
अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान गजेंद्र पटेल को
भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी गजेंद्र पटेल को सौंपी है। पार्टी की नई टीम में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई दे रही है। अल्पसंख्यक मोर्चे के माध्यम से पार्टी इस वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे सकती है।
सात मोर्चों के प्रभारियों की पूरी सूची
भाजपा की ओर से घोषित जिम्मेदारियों के अनुसार महिला मोर्चा की प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी, युवा मोर्चा के प्रभारी हरीश द्विवेदी, ओबीसी मोर्चा के प्रभारी वैजयंत पांडा, एससी मोर्चा के प्रभारी संजय भाटिया, एसटी मोर्चा के प्रभारी सतीश पूनिया, किसान मोर्चा के प्रभारी लाल सिंह आर्या और अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी गजेंद्र पटेल होंगे।
नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में नया संतुलन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए अपनी नई राष्ट्रीय टीम का गठन किया है। हाल में घोषित इस टीम में राजनीतिक अनुभव के साथ युवा नेतृत्व को भी जगह देने की कोशिश की गई है। पार्टी के केंद्रीय संगठन में विभिन्न राज्यों और सामाजिक वर्गों से जुड़े नेताओं को जिम्मेदारियां देकर व्यापक प्रतिनिधित्व का संदेश देने का प्रयास किया गया है।
उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को मिली जगह
नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो महिलाएं और दो मुस्लिम प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इन नियुक्तियों में दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, दो राष्ट्रीय महासचिव, दो राष्ट्रीय सचिव तथा ओबीसी और अल्पसंख्यक मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हैं। इससे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक अहमियत का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्मृति ईरानी की केंद्रीय संगठन में वापसी अहम
नितिन नवीन की टीम में स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा और तारिक मंसूर समेत कई नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। इनमें स्मृति ईरानी का नाम खास तौर पर चर्चा में है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी को हराया था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब केंद्रीय संगठन में उनकी भूमिका पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगामी चुनावों के लिए संगठन मजबूत करने की तैयारी
भाजपा की नई नियुक्तियों को आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अलग-अलग मोर्चों को जिम्मेदारी देकर पार्टी सामाजिक समूहों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में अनुभव, युवा नेतृत्व और विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाने का प्रयास दिखाई देता है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा की संगठनात्मक रणनीति को और धार मिलने की उम्मीद है।
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