CWG 2026: 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के युवा भारोत्तोलक ऋषिकांत सिंह चानमबम ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। ग्लासगो में आयोजित इस मुकाबले में ऋषिकांत ने पूरे आत्मविश्वास और दमदार प्रदर्शन के साथ भारतीय दल को एक और पदक दिलाया। उन्होंने प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। हालांकि क्लीन एंड जर्क में वह अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसके कारण स्वर्ण पदक से चूक गए। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए गर्व का विषय रहा।

स्नैच में बनाया नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड
ऋषिकांत सिंह ने स्नैच स्पर्धा में शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले प्रयास में 116 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और फिर दूसरे प्रयास में 119 किलोग्राम भार उठाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। तीसरे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 121 किलोग्राम वजन उठाते हुए नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि ने उन्हें स्वर्ण पदक की दौड़ में मजबूत दावेदार बना दिया। स्नैच राउंड में उनका प्रदर्शन तकनीक, संतुलन और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण रहा।

क्लीन एंड जर्क में चूके, रजत पदक से करना पड़ा संतोष
स्नैच में रिकॉर्ड बनाने के बाद क्लीन एंड जर्क में भी ऋषिकांत से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी। उन्होंने पहले प्रयास में 143 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया, लेकिन दूसरे प्रयास में 148 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 151 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहे। इन असफल प्रयासों के कारण उनका कुल स्कोर 264 किलोग्राम रहा। यदि वह अपने अंतिम प्रयासों में सफल होते, तो स्वर्ण पदक जीतने की संभावना और मजबूत हो सकती थी। आखिरकार उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मलेशिया के मोहम्मद अनीक ने जीता स्वर्ण पदक
इस स्पर्धा में मलेशिया के बिन कसदान मोहम्मद अनीक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 152 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 273 किलोग्राम का स्कोर बनाया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता बल्कि खेलों का नया कुल रिकॉर्ड भी स्थापित किया। उनकी निरंतरता और दोनों राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता का विजेता बनाया।
केन्या के जोशुआ अमुंगा एमबोया को मिला कांस्य
केन्या के जोशुआ अमुंगा एमबोया ने कुल 260 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 115 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 145 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने भी शानदार संघर्ष किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ऋषिकांत सिंह उनसे आगे रहने में सफल रहे। इस तरह पुरुषों के 60 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों का फैसला बेहद रोमांचक मुकाबले के बाद हुआ।
मणिपुर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का प्रेरक सफर
28 वर्षीय ऋषिकांत सिंह चानमबम मणिपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत इंफाल के खुमान लम्पक स्थित नेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी से की थी। शुरुआती दिनों से ही उनकी मेहनत और प्रतिभा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वर्तमान में वह भारतीय सेना के स्पोर्ट्स विंग के तहत विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सेना की ओर से मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं और लगातार अभ्यास ने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी दिखाया था दम
राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भी ऋषिकांत शानदार फॉर्म में थे। वर्ष 2025 में अहमदाबाद में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ 271 किलोग्राम (120 किलोग्राम स्नैच और 151 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया था। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भले ही वह स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन स्नैच में नया रिकॉर्ड बनाकर और रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत के लिए एक और यादगार उपलब्धि दर्ज कर दी। उनका प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी उम्मीदें बढ़ाता है।
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