US-Iran Crisis : US-Iran तनाव बढ़ते ही कच्चा तेल उछला, ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर के पार पहुंचा

US-Iran Crisis : अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। बुधवार को निवेशकों के बीच जोखिम को लेकर चिंता बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 5 प्रतिशत की तेजी के साथ 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से निवेशक अब सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जबकि शेयर बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

ads

कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आई तेजी?

तेल की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा सैन्य तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में तैनात अपने सैनिकों को निशाना बनाने की एक कथित ईरानी मिसाइल या हमले की कोशिश को विफल कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चिंता बढ़ी है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।

Adst

निवेशकों की नजर तीन बड़े घटनाक्रमों पर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस समय निवेशकों का फोकस तीन प्रमुख घटनाओं पर है। पहला, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव; दूसरा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर होने वाली घोषणा; और तीसरा, दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजे। इन तीनों घटनाओं का असर वैश्विक शेयर बाजारों, मुद्रा बाजार और कमोडिटी कीमतों पर पड़ सकता है।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए सकारात्मक संकेत

वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। बुधवार सुबह गिफ्ट निफ्टी लगभग 128 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक हो सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रमों के कारण दिनभर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

अमेरिकी बाजारों पर भी बढ़ा दबाव

तेल की कीमतों में तेजी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स पर भी दिखाई दिया। नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में करीब 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स भी दबाव में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे टेक्नोलॉजी कंपनियों पर दबाव बढ़ गया।

AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में कमजोरी

अमेरिकी और एशियाई टेक शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। दक्षिण कोरिया की प्रमुख चिप निर्माता कंपनी SK Hynix के शेयरों में भी प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज है कि AI क्षेत्र में हो रहा भारी निवेश भविष्य में अपेक्षित लाभ दे पाएगा या नहीं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की दिशा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और प्रमुख कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिसका असर वैश्विक महंगाई, शेयर बाजारों और निवेशकों की रणनीति पर भी देखने को मिलेगा। ऐसे माहौल में निवेशकों को सतर्क रहकर बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

Read More : Russia Sanctions Bill : अमेरिकी सीनेट ने रूस प्रतिबंध विधेयक पारित किया, भारत पर टैरिफ का खतरा बढ़ा

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.