Swami Atmanand School Update: छत्तीसगढ़ की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बहुत ही अहम और बड़ी घोषणा सामने आई है। पिछले काफी लंबे समय से स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों के नाम बदले जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। आखिरकार इन तमाम चर्चाओं और अटकलों पर पूरी तरह से विराम लग गया है। दुर्ग में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में यह ऐलान किया है कि राज्य भर में संचालित होने वाले सभी स्वामी आत्मानंद स्कूलों का नाम न तो बदला गया है और न ही भविष्य में कभी बदला जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रदेशभर में करीब 700 स्वामी आत्मानंद स्कूल इसी नाम से अपनी सेवाएं देते रहेंगे।

नाम नहीं बदले जाने पर शिक्षा मंत्री का स्पष्ट रुख
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार का कार्यकाल ढाई साल से अधिक का समय पूरा कर चुका है, लेकिन इस दौरान अब तक किसी भी स्वामी आत्मानंद स्कूल के नाम में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। उन्होंने पूरी स्पष्टता के साथ कहा कि वर्तमान सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी योजना या संस्थान का नाम बदलना बिल्कुल नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा बेहतर बनाना है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन स्कूलों की व्यवस्थाओं में सकारात्मक सुधार लाने का महत्वपूर्ण काम हमारी सरकार ने पूरी ईमानदारी से किया है।

राजनीतिक द्वेष और कांग्रेस की कार्यशैली पर निशाना
कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के अंदर जो सुदृढ़ पीडीएस यानी सार्वजनिक वितरण प्रणाली है, वह पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की एक बड़ी देन है। यदि किसी ने जनता के हित में कोई अच्छा काम किया है, तो केवल राजनीतिक द्वेष और दुर्भावना के चलते उसका नाम बदलना बिल्कुल भी उचित नहीं है। हमारी सरकार किसी भी प्रकार की द्वेष या पक्षपात की भावना से प्रेरित होकर कार्य नहीं करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के राजनीतिक द्वेष और पक्षपातपूर्ण कार्य केवल कांग्रेस पार्टी की संस्कृति और कार्यशैली का हिस्सा रहे हैं। सरकार हमेशा शासन के फंड और जनता के कल्याण के लिए काम करती है।
कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुई थी महत्वाकांक्षी योजना
यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस पार्टी की सरकार के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सबसे महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाओं में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना शामिल थी। राज्य में जैसे ही राजनीतिक सत्ता बदली और भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई, तभी से लगातार यह चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं कि नई सरकार इन लोकप्रिय स्कूलों का नाम बदल सकती है। लेकिन अब राज्य के शिक्षा मंत्री के इस आधिकारिक और स्पष्ट बयान ने सभी तरह की राजनीतिक अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है।
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